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अब कोरोना संक्रमित मिलने पर ऑफिस नहीं होंगे सील, जानें क्या हैं नए नियम

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमितों (Covid-19 Infected) का आंकड़ा 31 हजार पार कर गया है. अब तक 1007 लोगों की जान भी जा चुकी है. इस बीच सरकार 3 मई के बाद लॉकडाउन (Lockdown) के एक्जिट प्लान पर भी तेजी से काम कर रही है. एक अधिकारी का कहना है कि लॉकडाउन की अवधि खत्म होने के बाद दोबारा खुलने वाले ऑफिसों में अगर कोरोना वायरस संक्रमण का मामला सामने आता है, तो ऑफिस को पूरी तरह सील नहीं किया जाएगा. सरकार ने कहा है कि बिल्डिंग को सैनिटाइज करने के 12 घंटे के बाद काम फिर से शुरू किया जा सकता है.

अंग्रेजी वेबसाइट इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है. खबर के मुताबिक, वर्कप्लेस पर अगर कोई कोरोना संक्रमित पाया जाता है, तो ऑफिस या पूरी बिल्डिंग को नियंत्रण क्षेत्र घोषित नहीं किया जाएगा. अगर मामले सामने आते हैं तो उस पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज किया जाएगा.

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ऐसे केस में डीएम हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह के मुताबिक काम करेंगे, लेकिन बिल्डिंग को तीन महीने के लिए सील करने के कोई निर्देश नहीं हैं.

ऑफिस में सोशल डिस्टेंसिंग का रखना होगा ख्याल

लॉकडाउन के बाद ऑफिस खुलेंगे, लेकिन वहां सोशल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, 55 से 60 साल आयु के कर्मचारियों और गर्भवती महिलाओं को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की सलाह दी गई है.

क्या है प्रस्ताव?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कोरोना हॉटस्पॉट इलाकों में रेड जोन और ग्रीन जोन को अधिक से अधिक चिह्नित कर उस दिशा में काम करने की जरूरत है, ताकि हालात कुछ हद तक सामान्य हो सके. सूत्रों का ये भी कहना है कि रेड जोन में लॉकडाउन की पूरी पांबदी के साथ जारी रह सकता है. येलो जोन में कुछ छूट दी जा सकती है. वहीं, ग्रीन जोन में पूरी तरह पाबंदी हट जाएगी, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के नियम फिलहाल लागू रहेंगे.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम