अब एंबुलेंस 108 को कॉल करने पर बिना बताए इस एप से चलेगा आपका पता

जबलपुर। प्रदेश में करीब 606 एम्बुलेंस और 735 जननी एम्बुलेंस चलाई जा रही हैं। इनके लिए नया एप 15 अगस्त को लॉन्च किया जा सकता है। इसे डाउनलोड करने के बाद यदि कोई सेवा के लिए फोन करता है तो उसकी लोकेशन सीधे कंट्रोल रूम पहुंच जाएगी।
अस्पताल में डॉक्टर को भी इलाज व रेफरल की करना होगी एंट्री
15 अगस्त को लांच हो सकता है एप
कॉलर को पता बताने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही फोन करने वाले के मोबाइल पर एक एसएमएस पहुंचेगा, जिसमें ड्राइवर का मोबाइल नंबर व गाड़ी नंबर भेजा जाएगा। अस्पताल में पहुंचने के बाद मरीज का क्या होता है, इसकी जानकारी शासन के पास नहीं होती। इसलिए सरकार डॉक्टरों के लिए भी एक पोर्टल बना रही है, जिसमें डॉक्टर को मरीज के इलाज की पूरी जानकारी या रेफर करने पर कारण भी बताना होगा। डॉक्टरों को एम्बुलेंस कर्मचारियों से रिसेप्शन फॉर्म भी लेना होगा, जिसमें लाते समय दिए गए इलाज का ब्योरा होगा।
डॉक्टरों के लिए अनिवार्य रहेगा एंबुलेंस कर्मचारी से फॉर्म लेना
नई व्यवस्था के तहत एम्बुलेंस कर्मचारियों को एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें मरीज की स्थिति, अस्पताल ले जाते समय दिया गया उपचार लिखना होगा। यह फॉर्म अस्पताल में डॉक्टर को देना होगा। डॉक्टरों को भी अनिवार्य रूप से यह फॉर्म लेना होगा। ऑफिसर्स पोर्टल पर डॉक्टर को एंट्री करना होगा। मसलन मरीज को डिस्चार्ज किया गया या रेफर किया गया। किन स्थितियों में रेफर किया गया।
कलेक्टर-एसपी को एसएमएस पर दी जाएगी हादसे की सूचना
जिलों के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर्स व स्टाफ के नंबर्स के साथ ही जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के नंबर्स भी ले लिए गए हैं। यदि कहीं कोई बड़ा हादसा होता है तो एम्बुलेंस 108 पहुंचने के पूर्व ही कलेक्टर व एसपी को भी एसएमएस केे जरिए इसकी सूचना दी जाएगी।








