झुकेंगे नहीं, विधिक लड़ाई लड़ेंगे – पटना फायरिंग कांड में ‘खान सर’ का बड़ा स्टैंड; पुलिस के आगे सरेंडर करने से साफ इनकार, हाई कोर्ट जाने की तैयारी
झुकेंगे नहीं, विधिक लड़ाई लड़ेंगे - पटना फायरिंग कांड में 'खान सर' का बड़ा स्टैंड; पुलिस के आगे सरेंडर करने से साफ इनकार, हाई कोर्ट जाने की तैयारी
झुकेंगे नहीं, विधिक लड़ाई लड़ेंगे – पटना फायरिंग कांड में ‘खान सर’ का बड़ा स्टैंड; पुलिस के आगे सरेंडर करने से साफ इनकार, हाई कोर्ट जाने की तैयारी
पटना (बिहार): राजधानी पटना के चर्चित शिक्षक और सोशल मीडिया सनसनी फैसल खान (खान सर) के कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (KGS) के बाहर हुई तोड़फोड़ और हवाई फायरिंग के मामले में कानूनी रार बेहद कड़क और आक्रामक हो गई है। कदमकुआं पुलिस द्वारा हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज किए जाने के बाद, अब खान सर के खेमे ने साफ संदेश दे दिया है कि वे पुलिस के आगे कतई घुटने या सरेंडर (आत्मसमर्पण) नहीं करेंगे।
खान सर के विधिक सलाहकारों और उनके करीबियों के अनुसार, पुलिस द्वारा दर्ज की गई यह एफआईआर पूरी तरह से एकतरफा और विरोधाभासी है। इसलिए, वे आत्मसमर्पण करने के बजाय सीधे पटना हाई कोर्ट या संबंधित विधिक फोरम में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) लेने और इस एफआईआर को खारिज (Quash) कराने के लिए कड़ा कानूनी रुख अपना रहे हैं।
जान बचाने के लिए किया था सेल्फ-डिफेंस- खान सर की कड़क हुंकार
गिरफ्तारी की कड़क चर्चाओं और पुलिसिया दबिश के बीच खान सर ने अपना पक्ष पूरी मजबूती से सामने रखा है:
- आत्मरक्षा का विधिक अधिकार: खान सर का कहना है कि २ जून की रात २०-२५ असामाजिक तत्वों ने उनके गार्ड को बेरहमी से पीटा और दफ्तर में भारी तोड़फोड़ की थी। ऐसी हिंसक स्थिति में जब पुलिस को मौके पर आने में समय लग रहा था, तो सुरक्षा गार्ड्स ने अपनी और संस्थान की जान बचाने के लिए केवल ‘सेल्फ डिफेंस’ (आत्मरक्षा) में हवाई फायरिंग की थी।
- गार्ड्स के कर्तव्य पर सवाल क्यों?: उन्होंने कड़ा सवाल उठाया कि अगर सुरक्षा गार्ड संकट के समय रक्षा नहीं करेंगे, तो फिर गार्ड रखने का औचित्य ही क्या है? गार्ड्स ने किसी भी निर्दोष को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई, बल्कि अनहोनी रोकने के लिए हवाई फायर किया था।
- कोचिंग माफिया की सोची-समझी साजिश: खान सर ने सीधा आरोप लगाया है कि पटना का बड़ा कोचिंग सिंडिकेट उनकी कम फीस और कड़क नतीजों से बुरी तरह परेशान है। यह पूरा विन्यास उनकी साफ छवि को खराब करने और संस्थान को बंद कराने की एक सोची-समझी विधिक साजिश है।








