स्कूल या मयखाना? ऑफिस की टेबल पर जब पूर्व प्रिंसिपल ने छलकाए जाम, कैमरे में कैद हुई करतूत
स्कूल या मयखाना? ऑफिस की टेबल पर जब पूर्व प्रिंसिपल ने छलकाए जाम, कैमरे में कैद हुई करतूत
स्कूल या मयखाना? ऑफिस की टेबल पर जब पूर्व प्रिंसिपल ने छलकाए जाम, कैमरे में कैद हुई करतूत
सोहागपुर। जिले के सोहागपुर विकासखंड से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भुईबांध का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित (वायरल) हो रहा है, जिसने शिक्षा विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में स्कूल के पूर्व प्राचार्य कार्यालय के भीतर ही जाम छलकाते नजर आ रहे हैं।
स्कूल कार्यालय बना ‘मयखाना’, कुछ अन्य लोग भी थे साथ
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित वीडियो में विद्यालय के पूर्व प्राचार्य बृजेशधर द्विवेदी स्कूल के शासकीय कार्यालय के भीतर बैठे दिखाई दे रहे हैं। हद तो तब हो गई जब वे कार्यालय के अनुशासन को ताक पर रखकर कुछ अन्य बाहरी लोगों के साथ सरेआम शराब पीते नजर आ रहे हैं। ‘शिक्षा के मंदिर’ के भीतर हुई इस शर्मनाक हरकत का वीडियो सामने आते ही पूरे क्षेत्र में इसकी तीखी आलोचना हो रही है।
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शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश, बताया ‘पुराना वीडियो’
वीडियो के सामने आते ही शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों में खलबली मच गई है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने डैमेज कंट्रोल करते हुए शुरुआती बयान में इस वीडियो को काफी पुराना बताया है। लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग ने इसे हल्के में नहीं लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्कूल या मयखाना? ऑफिस की टेबल पर जब पूर्व प्रिंसिपल ने छलकाए जाम, कैमरे में कैद हुई करतूत
‘शिक्षा के मंदिर’ में ऐसी हरकत से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और विद्यार्थियों के अभिभावकों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिस स्थान को बच्चे अपना भविष्य संवारने के लिए ‘शिक्षा का मंदिर’ मानते हैं, यदि वहीं के जिम्मेदार शिक्षक और अधिकारी ऐसी अनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाएंगे, तो समाज और मासूम विद्यार्थियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
नाराज अभिभावकों ने मांग की है कि वीडियो भले ही पुराना हो, लेकिन शासकीय परिसर के भीतर ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और दोषी पूर्व प्राचार्य के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।








