
- समय-सीमा के बाद भी पेंडिंग रहे आवेदन तो भड़के कलेक्टर: तहसीलदार, CMO और थाना प्रभारी को थमाया नोटिस; 7 दिन में मांगा जवाब
- जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं! कटनी कलेक्टर ने स्लीमनाबाद और बरही के अधिकारियों को जारी किया कारण बताओ नोटिस
कटनी: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आम जनता के काम समय पर न करना कटनी के तीन अधिकारियों को भारी पड़ गया है। एमपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल की समीक्षा के दौरान आवेदनों के समयबद्ध निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीधे तहसीलदार, सीएमओ और थाना प्रभारी को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
पोर्टल की समीक्षा में खुली पोल, 4 आवेदन मिले पेंडिंग
कलेक्टर श्री तिवारी जब एमपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर लंबित आवेदनों की समीक्षा कर रहे थे, तब अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई। समीक्षा में पाया गया कि:
- नगर पंचायत बरही में 2 आवेदन समय-सीमा के बाहर लंबित हैं।
- तहसीलदार स्लीमनाबाद कार्यालय में 1 आवेदन पेंडिंग है।
- थाना स्लीमनाबाद में भी 1 आवेदन समय-सीमा बीत जाने के बाद भी अटका हुआ है।
कुल 4 आवेदनों का तय समय में निराकरण न होना सीधे तौर पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
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इन 3 अधिकारियों पर गिरी गाज, लगेगा जुर्माना!
लापरवाही सामने आते ही कलेक्टर ने इन तीनों विभागों के प्रमुखों को लपेटे में ले लिया है। जिन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:समय-सीमा के बाद भी पेंडिंग रहे आवेदन तो भड़के कलेक्टर: तहसीलदार, CMO और थाना प्रभारी को थमाया नोटिस; 7 दिन में मांगा जवाब
- तहसीलदार, स्लीमनाबाद
- मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO), बरही
- थाना प्रभारी, स्लीमनाबाद
नोटिस में कलेक्टर ने कड़े शब्दों में अधिकारियों से पूछा है कि ‘लापरवाही के चलते क्यों न आपके विरुद्ध लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 6 एवं 7 के अंतर्गत शास्ति (जुर्माना) अधिरोपित की जाये?’
7 दिन का अल्टीमेटम: संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी एकपक्षीय कार्रवाई
कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे 7 दिवस के भीतर इन लंबित आवेदनों के संबंध में अपना पालन प्रतिवेदन (जवाब) प्रस्तुत करें। उन्होंने साफ और कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो बिना कोई दूसरा मौका दिए एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी और अधिनियम के तहत सीधे जुर्माना ठोक दिया जाएगा।








