पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मतदान 4,618 उम्मीदवार मैदान में
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मतदान 4,618 उम्मीदवार मैदान में। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान हो रहा है। दोनों राज्यों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। खासकर पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा के पुराने इतिहास को देखते हुए इस बार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की भारी तैनाती की गई है, जिस पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
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पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मतदान 4,618 उम्मीदवार मैदान में
बंगाल में पहले चरण की वोटिंग, भारी सुरक्षा व्यवस्था
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। राज्य में कुल 2,407 CAPF कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की गई है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान में किसी भी प्रकार की बाधा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
ढाई लाख जवानों की तैनाती
पहले चरण में लगभग 3.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग ढाई लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिससे औसतन 100 से 130 मतदाताओं पर एक जवान की ड्यूटी बन रही है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
केंद्रीय बलों की इतनी बड़ी तैनाती को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी है। भाजपा ने इसे टीएमसी के कथित प्रभाव से सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है, जबकि टीएमसी ने इस पर सवाल उठाए हैं।
संवेदनशील सीटों पर कड़ी नजर
पहले चरण में सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद, आसनसोल, बांकुड़ा, पुरुलिया और नंदीग्राम जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर मतदान हो रहा है। नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी सीटें इस बार भी राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही हैं।
तमिलनाडु में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
तमिलनाडु में कुल 234 सीटों पर मतदान हो रहा है। राज्य में लगभग 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 5,938 केंद्र संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
यहां लगभग 1.47 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें पुलिस, अर्धसैनिक बल, होमगार्ड और सेवानिवृत्त सैनिक शामिल हैं। इसके अलावा 295 कंपनियों के करीब 23,000 केंद्रीय जवान भी सुरक्षा में लगाए गए हैं।
चुनाव आयोग की सख्ती
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं। सुरक्षा बलों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।

