EVM पर टेप चिपकाने वाला TMC का बाहुबली जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर पर अरेस्ट; विदेश भागने की फिराक में था, बंगाल में BJP सरकार आते ही हुआ ‘द एंड’
EVM पर टेप चिपकाने वाला TMC का बाहुबली जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर पर अरेस्ट; विदेश भागने की फिराक में था, बंगाल में BJP सरकार आते ही हुआ 'द एंड'
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही विवादों में घिरे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। फाल्ता विधानसभा सीट से टीएमसी के उम्मीदवार रहे और काफी समय से फरार चल रहे जहांगीर खान को एसटीएफ ने आज सुबह नेपाल बॉर्डर के इलाके से धर दबोचा।
जहांगीर नेपाल के रास्ते विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन उसकी यह योजना पूरी तरह फ्लॉप हो गई।EVM पर टेप चिपकाने वाला TMC का बाहुबली जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर पर अरेस्ट; विदेश भागने की फिराक में था, बंगाल में BJP सरकार आते ही हुआ ‘द एंड’
EVM पर सेलोटेप चिपकाने और धांधली का है आरोप
जहांगीर खान पर चुनाव के दौरान कई गंभीर आरोप लगे थे। फाल्ता विधानसभा सीट पर वोटिंग के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली की बातें सामने आई थीं, जहाँ कई ईवीएम (EVM) मशीनों पर सेलोटेप चिपका दिए गए थे। इस हरकत का सीधा आरोप जहांगीर खान पर लगा था। इस गंभीर धांधली के बाद ही चुनाव आयोग को फाल्ता में दोबारा चुनाव (Re-polling) कराने की घोषणा करनी पड़ी थी। इसके अलावा उन पर बीएलओ (BLO) को प्रभावित करने और मतदाता सूची में मृतकों के नाम जोड़ने के भी आरोप थे।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा को भेजा था चुनाव आयोग ने
जहांगीर खान द्वारा इलाके में मतदाताओं और विरोधियों को धमकाने की शिकायतों के बाद मामला काफी गरमा गया था। खुद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। हालात बिगड़ते देख चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मशहूर ‘मुठभेड़ विशेषज्ञ’ (Encounter Specialist) और आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को विशेष पर्यवेक्षक बनाकर डुंडी पुलिस स्टेशन भेजा था।EVM पर टेप चिपकाने वाला TMC का बाहुबली जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर पर अरेस्ट; विदेश भागने की फिराक में था, बंगाल में BJP सरकार आते ही हुआ ‘द एंड’
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चुनाव से दो दिन पहले ही खींच लिए थे पैर, 4 मई के बाद से था गायब
बंगाल में सियासी पासा पलटते देख जहांगीर खान ने चुनाव से ठीक दो दिन पहले ही मैदान से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद 4 मई को जैसे ही चुनाव परिणाम घोषित हुए और बंगाल में टीएमसी की हार हुई, जहांगीर खान पूरी तरह ‘गायब’ हो गया। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
कोर्ट से झटका लगा, तो बनाई विदेश भागने की प्लानिंग
गिरफ्तारी से बचने के लिए जहांगीर खान ने कोर्ट से सुरक्षा (अग्रिम जमानत) की गुहार लगाई थी, लेकिन राज्य सरकार ने भी कोर्ट में अर्जी देकर उसकी सुरक्षा हटाने की मांग की। हर तरफ से खुद को घिरता देख जहांगीर ने नेपाल के रास्ते किसी अन्य देश भागने की फुलप्रूफ प्लानिंग की थी, लेकिन बॉर्डर पार करने से पहले ही एसटीएफ की टीम ने उसे दबोच लिया।








