वास्तु टिप्स: घर के मुख्य द्वार पर किस मैटेरियल की नेमप्लेट लगाना शुभ? जानें दिशा और सही धातु का वास्तु कनेक्शन
वास्तु टिप्स: घर के मुख्य द्वार पर किस मैटेरियल की नेमप्लेट लगाना शुभ? जानें दिशा और सही धातु का वास्तु कनेक्शन
जबलपुर/भोपाल। घर के मुख्य द्वार पर लगी नेमप्लेट केवल आपके नाम की पहचान नहीं होती, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार यह घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा को भी तय करती है। नेमप्लेट का मैटेरियल और इसे लगाने की सही दिशा आपके जीवन में सुख, समृद्धि और स्थिरता ला सकती है।
प्रसिद्ध वास्तु मान्यताओं के अनुसार, जानिए किस प्रकार की नेमप्लेट आपके घर के लिए सबसे ज्यादा शुभ मानी जाती है:
1. लकड़ी की नेमप्लेट (Wooden Name Plate)
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महत्व: लकड़ी को वास्तु में विकास, मजबूती और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।
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सही मैटेरियल: सागवान, शीशम, महोगनी या आम की असली लकड़ी का ही इस्तेमाल करें। प्लाइबोर्ड, एमडीएफ या प्लास्टिक (जो सिर्फ लकड़ी जैसी दिखती हैं) से बचें।
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शुभ दिशा: पूर्व (East) और दक्षिण (South) दिशा।
2. मेटल/धातु की नेमप्लेट (Metal Name Plate)
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महत्व: धातु की नेमप्लेट धन-धान्य और नए अवसरों को आकर्षित करती है। पीतल (Brass) की नेमप्लेट सबसे उत्तम मानी जाती है।
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सही मैटेरियल: पीतल, तांबा, स्टील या लोहा।
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शुभ दिशा: उत्तर (North) और पश्चिम (West) दिशा। उत्तर दिशा भगवान कुबेर की मानी जाती है, इसलिए यहाँ पीतल की नेमप्लेट लगाना आर्थिक वृद्धि के लिए बेहद शुभ है।
3. पत्थर की नेमप्लेट (Stone Name Plate)
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महत्व: पत्थर पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जो घर में स्थिरता, मजबूती लाता है और नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है।
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सही मैटेरियल: संगमरमर (Marble), ग्रेनाइट या प्राकृतिक पत्थर।
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शुभ दिशा: दक्षिण-पश्चिम (South-West) और उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा। दक्षिण-पश्चिम में इसे लगाने से घर के मुखिया का प्रभाव और प्रतिष्ठा बढ़ती है।
नेमप्लेट लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान:
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नेमप्लेट पर लिखे अक्षर साफ, सुंदर और आसानी से पढ़े जाने योग्य होने चाहिए।
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मुख्य द्वार की नेमप्लेट कभी भी टूटी-फूटी या गंदी नहीं होनी चाहिए।
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इसे हमेशा द्वार के दाहिनी (Right) तरफ या आंखों के लेवल के बराबर ऊंचाई पर लगाना सबसे बेहतर माना जाता है।








