
EPF Wage Limit Revised: नौकरीपेशा वर्ग को मोदी सरकार का तोहफा, ₹25000 हुई पीएफ की सैलरी लिमिट; 51 लाख कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले
नई दिल्ली/भोपाल। केंद्र सरकार ने देश के नौकरीपेशा वर्ग को एक बड़ा तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।
12 साल बाद किए गए इस ऐतिहासिक संशोधन से देशभर के संगठित क्षेत्र में काम करने वाले करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और पेंशन का सीधा लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों के पेंशन फंड (EPS) में बढ़ेगा सरकारी योगदान
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बड़े फैसले की बारीकियां साझा करते हुए स्पष्ट किया:
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तीन हिस्सों में पीएफ योगदान: पीएफ में पहला हिस्सा कर्मचारी का, दूसरा नियोक्ता (कंपनी) का और तीसरा हिस्सा सरकार का होता है।
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पेंशन फंड (EPS) को मजबूती: सरकार द्वारा दिया जाने वाला यह योगदान सीधे कर्मचारी के एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) में जमा होता है, जिससे कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद मिलने वाली पेंशन राशि में बढ़ोतरी होगी।
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बजटीय सहायता: इस बढ़ी हुई सीमा को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार सालाना ₹11,000 करोड़ से अधिक का वित्तीय भार खुद वहन करेगी। EPF Wage Limit Revised: नौकरीपेशा वर्ग को मोदी सरकार का तोहफा, ₹25000 हुई पीएफ की सैलरी लिमिट; 51 लाख कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले








