गया में ‘ई-पिंडदान’ पर बवाल: 25 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष मेला, पंडा समाज ने खोला मोर्चा; जानिए पर्यटन विभाग के सभी पैकेज और दरें

गया में ‘ई-पिंडदान’ पर बवाल: 25 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष मेला, पंडा समाज ने खोला मोर्चा; जानिए पर्यटन विभाग के सभी पैकेज और दरें
गया/पटना। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 की शुरुआत आगामी 25 सितंबर से होने जा रही है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। लेकिन मेले के आगाज से पहले ही गयाजी में ‘ई-पिंडदान’ (ऑनलाइन पिंडदान) को लेकर विवाद गहरा गया है। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग (BSTDC) द्वारा ई-पिंडदान पैकेज जारी किए जाने के विरोध में विष्णुपद मंदिर परिसर में श्री विष्णु प्रबंधकारिणी समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोर्चा खोल दिया है।
पंडा समाज का स्पष्ट कहना है कि धार्मिक ग्रंथों में ‘ऑनलाइन पिंडदान’ का कोई विधान नहीं है। शास्त्रों के अनुसार अपने पूर्वजों का पिंडदान व्यक्ति को स्वयं गयाजी आकर अपने हाथों से ही करना चाहिए।
पर्यटन विभाग के 5 विशेष पिंडदान एवं पर्यटन पैकेज (25 सितंबर – 10 अक्टूबर 2026)
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड ने 5 भौतिक पैकेज और 1 ई-पिंडदान पैकेज जारी किया है। बुकिंग वेबसाइट: bstdc.bihar.gov.in/Pitripaksha/ | संपर्क: 8544418408, 8294307690
| पैकेज कोड | पैकेज का नाम एवं अवधि | शामिल प्रमुख सेवाएं/स्थल | मूल्य सीमा (1 से 4 यात्री, होटल अनुसार) |
| पैकेज-A | पटना–पुनपुन–गयाजी–पटना (1-दिवसीय) | पिकअप-ड्रॉप, कार, पुनपुन, फल्गु, विष्णुपद व अक्षयवट पर पूजा, भोजन व आवास। | ₹14,550 से ₹30,650 |
| पैकेज-B | पटना–गयाजी–नालंदा–राजगीर–पटना (1 रात्रि/2 दिन) | पिंडदान सेवाएं, शाकाहारी भोजन, आवास, विश्व शांति स्तूप (राजगीर) व नालंदा भ्रमण। | ₹18,850 से ₹40,700 |
| पैकेज-C | गयाजी 1-दिवसीय पिंडदान | गयाजी पिकअप, तर्पण, विष्णुपद व अक्षयवट पूजा, पंडा शुल्क, सामग्री व दोपहर भोजन। | ₹11,250 से ₹25,250 |
| पैकेज-D | गयाजी 1 रात्रि/2 दिवसीय पिंडदान | देर रात/प्रातः पूजन हेतु उत्तम, कार, आवास, भोजन, तर्पण व तीनों स्थलों पर पूजा। | ₹16,000 से ₹39,500 |
| पैकेज-E | गयाजी–राजगीर–नालंदा (1 रात्रि/2 दिन) | गयाजी से पिकअप-ड्रॉप, सभी भोजन, पिंडदान पूजा सामग्री तथा राजगीर-नालंदा भ्रमण। | ₹16,550 से ₹32,850 |
क्या है विवादित ‘ई-पिंडदान’ (ऑनलाइन) पैकेज?
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कुल दर: ₹23,000 (जीएसटी सहित)
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किन्हें सुविधा: जो लोग व्यक्तिगत रूप से गयाजी आने में असमर्थ हैं।
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शामिल सुविधाएं: पुरोहितों द्वारा फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर व अक्षयवट पर विधि-विधान से पूजा, मंत्रोच्चार, पूजन सामग्री, दक्षिणा तथा संपूर्ण अनुष्ठान की वीडियो रिकॉर्डिंग (पेन ड्राइव में) श्रद्धालु को उपलब्ध कराई जाएगी।
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शुरुआत और विरोध: पर्यटन विभाग ने यह व्यवस्था वर्ष 2024 में शुरू की थी, जिसका पंडा समाज तब से ही लगातार विरोध कर रहा है।








