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‘नो बिंदी-नो तिलक’ नीति पर हंगामा, लेंसकार्ट ने दी सफाई-सभी धार्मिक प्रतीकों का स्वागत

Lenskart स्टाइल गाइड विवाद: बिंदी-तिलक पर रोक के आरोपों पर CEO Peyush Bansal की सफाई, बोले- पुराना दस्तावेज था, गलती सुधार ली

Lenskart स्टाइल गाइड विवाद: बिंदी-तिलक पर रोक के आरोपों पर CEO Peyush Bansal की सफाई, बोले- पुराना दस्तावेज था, गलती सुधार ली

‘नो बिंदी-नो तिलक’ नीति पर हंगामा, लेंसकार्ट ने दी सफाई-सभी धार्मिक प्रतीकों का स्वागत।  आईवियर रिटेलर कंपनी लेंसकार्ट इन दिनों अपने प्रोडक्ट या बिजनेस को लेकर नहीं, बल्कि अपने ड्रेस कोड को लेकर चर्चा में है। कंपनी पर आरोप लगे थे कि उसने पहले बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाई थी, जबकि हिजाब पहनने की अनुमति दी गई थी। इस मुद्दे के सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया।

‘नो बिंदी-नो तिलक’ नीति पर हंगामा, लेंसकार्ट ने दी सफाई-सभी धार्मिक प्रतीकों का स्वागत

बढ़ते विवाद के बीच लेंसकार्ट ने एक्स (Twitter) पर सफाई देते हुए कहा कि कंपनी ने अपने स्टोर ड्रेस कोड को लेकर स्पष्ट और समान गाइडलाइन लागू की है। कंपनी ने कहा कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का खुले दिल से स्वागत किया जाता है और इन्हें किसी अपवाद की तरह नहीं बल्कि पहचान के रूप में स्वीकार किया जाता है।

लेंसकार्ट ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह भारत में, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बनाई गई कंपनी है, जिसके 2400 से अधिक स्टोर्स हैं। कंपनी ने कहा कि कर्मचारी अपनी आस्था, परंपरा और पहचान के साथ काम पर आते हैं और किसी से भी इसे दरवाजे पर छोड़ने के लिए नहीं कहा जाता।

कंपनी ने आगे कहा कि यदि किसी भी पिछले संदेश या नीति की वजह से किसी को ठेस पहुंची हो या किसी कर्मचारी को असहज महसूस हुआ हो, तो उन्हें खेद है। लेंसकार्ट ने साफ किया कि यह न उनकी पहचान है और न ही उनका ऐसा कोई इरादा है।

यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई, हालांकि कंपनी के ताजा बयान के बाद स्थिति पर कुछ हद तक स्पष्टता आई है।

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