Latestअंतराष्ट्रीय

 ईरान पर ट्रंप की चेतावनी: समझौता न हुआ तो फिर शुरू हो सकती है बमबारी

ईरान पर ट्रंप की चेतावनी: समझौता न हुआ तो फिर शुरू हो सकती है बमबारी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर बुधवार तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है।

Indian Railway: यात्रियों को राहत: पश्चिम मध्य रेलवे ने खानपान और टॉयलेट व्यवस्था सुधारने के लिए निकाले टेंडर

 ईरान पर ट्रंप की चेतावनी: समझौता न हुआ तो फिर शुरू हो सकती है बमबारी

ट्रंप ने यह भी साफ किया कि मौजूदा सीजफायर को बढ़ाने या खत्म करने का फैसला हालात पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह बयान एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया, जब वह फीनिक्स से वॉशिंगटन डीसी लौट रहे थे।

22 अप्रैल को खत्म हो रहा सीजफायर

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था, जो 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह संघर्ष फिर से तेज हो सकता है।

बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी

ट्रंप ने कहा कि भले ही सीजफायर बढ़ाया जाए या नहीं, लेकिन ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर फिर से सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

 बातचीत ठप, मतभेद बरकरार

हाल ही में पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मतभेद इन मुद्दों पर हैं:

आर्थिक प्रतिबंध हटाना
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
समुद्री सुरक्षा

 होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस विवाद का सबसे संवेदनशील बिंदु बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है।

अमेरिका इसे खुला और सुरक्षित रखना चाहता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि दबाव बढ़ने पर वह इसे बंद या सीमित कर सकता है

 वैश्विक असर की आशंका

अगर यह तनाव बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल सप्लाई और बाजारों पर पड़ सकता है। अमेरिकी नौसेना द्वारा की जा रही नाकेबंदी को ईरान ने “गैरकानूनी और उकसाने वाला” बताया है।

ट्रंप का दावा—अच्छी खबर मिली

इस बीच ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें हाल ही में ईरान से जुड़ी “अच्छी खबर” मिली है, हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। फिलहाल सबकी नजर 22 अप्रैल पर टिकी है, जब यह तय होगा कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम होगा या फिर हालात और बिगड़ेंगे।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम