Latestअजब गजब

MP में ‘खजाने’ की होड़: ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेस-वे की मिट्टी में निकले चांदी के सिक्के, खोदने उमड़ा पूरा गांव; प्रशासन अलर्ट

MP में ‘खजाने’ की होड़: ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेस-वे की मिट्टी में निकले चांदी के सिक्के, खोदने उमड़ा पूरा गांव; प्रशासन अलर्ट

ग्वालियर से आगरा के बीच बन रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण स्थल पर उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब मिट्टी के नीचे से प्राचीन चांदी के सिक्के मिलने की खबर सामने आई। देखते ही देखते खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और गांव के बच्चे, महिलाएं, युवा से लेकर बुजुर्ग तक कुदाल और खुरपी लेकर एक्सप्रेस-वे के लिए बिछाई गई मिट्टी को खोदने पहुंच गए। इस दौरान कई ग्रामीणों के हाथ चांदी के सिक्के लगने की बात सामने आ रही है। मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है।

 एक सिक्के से शुरू हुई ‘खजाने’ की तलाश

यह पूरा मामला माता बसैया थाना क्षेत्र के डोंगरपुर गांव का है, जहाँ से होकर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा है:

  • ऐसे हुआ खुलासा: तीन दिन पहले गांव का एक युवक निर्माणाधीन सड़क से गुजर रहा था, तभी उसकी नजर मिट्टी में दबे एक चांदी के सिक्के पर पड़ी। युवक सिक्का उठाकर घर चला गया।

  • दोस्तों के साथ गुप्त खुदाई: सिक्के मिलने के बाद युवक ने अपने कुछ साथियों को इसकी जानकारी दी। अगले दिन युवकों ने जाकर मिट्टी कुरेदी तो उन्हें 3-4 और प्राचीन सिक्के मिल गए। दो दिनों तक कुछ युवक चुपचाप अकेले में जाकर वहां खुदाई करते रहे।

  • गांव में मचा हड़कंप: मंगलवार सुबह यह खबर लीक हो गई और पूरे डोंगरपुर गांव में बात फैल गई कि एक्सप्रेस-वे की मिट्टी में खजाना दबा हुआ है। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मिट्टी खोदने के लिए निकल पड़े।

 हरकत में आया प्रशासन, पुरातत्व विभाग करेगा जांच

मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को खुदाई करने से रोका।

  • सिक्के जब्त करने के निर्देश: प्रशासन ने ग्रामीणों के पास मौजूद सिक्कों को तुरंत जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • पुरातत्व विभाग को सूचना: बरामद सिक्कों की ऐतिहासिकता, धातु की शुद्धता और यह किस कालखंड के हैं, इसकी जांच के लिए सिक्कों को पुरातत्व विभाग (Archaeological Department) के सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • मिट्टी का सोर्स ट्रैकिंग: अधिकारी अब यह भी पता लगा रहे हैं कि एक्सप्रेस-वे के भराव के लिए यह मिट्टी किस खदान या स्थान से खोदकर लाई गई थी, ताकि मूल स्थान की भी जांच की जा सके।

Back to top button