इंदौर में अंगदान को मिलेगी नई रफ्तार: 13 से अधिक अस्पतालों तक फैलेगा नेटवर्क, ब्रेन डेथ मामलों में स्वजनों की होगी समय पर काउंसलिंग
इंदौर में अंगदान को मिलेगी नई रफ्तार: 13 से अधिक अस्पतालों तक फैलेगा नेटवर्क, ब्रेन डेथ मामलों में स्वजनों की होगी समय पर काउंसलिंग
इंदौर/भोपाल: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अंगदान (Organ Donation) की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए अब नेटवर्क को 13 से अधिक अस्पतालों तक विस्तारित किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पतालों में ब्रेन डेथ (Brain Death) के संभावित मामलों में समय रहते परिजनों की प्रभावी काउंसलिंग कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सोमवार को इंदौर संभागायुक्त भास्कर लक्षकार की अध्यक्षता में आयोजित ‘इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन’ की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
218 मरीज कर रहे ट्रांसप्लांट का इंतजार, लापरवाह अस्पतालों को मिलेगा नोटिस
बैठक के दौरान संभागायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंगदान से जुड़ी जानकारी छिपाने या देर से देने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी:
-
प्रतीक्षा सूची के आँकड़े: शहर में वर्तमान में 218 मरीज अंग प्रत्यारोपण (Transplant) की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इनमें से 189 मरीजों को किडनी और 29 मरीजों को लिवर की तत्काल आवश्यकता है।
-
नोटिस जारी करने के निर्देश: ब्रेन डेथ की समय पर सूचना न देने या प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
रोजाना 5 दुर्घटनाएं: समय रहते काउंसलिंग पर रहेगा फोकस
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार इंदौर शहर में औसतन रोजाना 5 दुर्घटनाजनित मौतें होती हैं:
-
दान की संभावनाएं: ट्रॉमा और कार्डियक डेथ के मामलों में मुख्य रूप से आँख (Cornea) और त्वचा (Skin) का ही दान संभव होता है।
-
ब्रेन डेथ की जल्द पहचान: जीवनरक्षक अंगों (जैसे किडनी, लिवर, हार्ट) को बचाने के लिए ब्रेन डेथ के मामलों की तत्काल पहचान की जाएगी। इसके बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों से संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा ताकि बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकें।








