धमकी भरे ईमेल में मुंबई की मेयर, पुणे महापालिका (PMC), नागपुर की महत्वपूर्ण जगहों और सबसे खास राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय को निशाना बनाने की बात कही गई है। शुरुआती जांच के मुताबिक, इस ईमेल में IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के इस्तेमाल का जिक्र है और बाकायदा हमलों के लिए खास तारीखों व समय (Time) की डेडलाइन भी दी गई है।
मुंबई मेयर की कार-केबिन और BSE को उड़ाने की धमकी, खाली कराई गई बिल्डिंग
मुंबई में मिले धमकी भरे ईमेल का पैटर्न बेहद खतरनाक है:
मेयर और सीएमओ निशाने पर: मुंबई की मेयर को भेजे गए ईमेल में सीधे तौर पर उनकी कार और केबिन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके अलावा ईमेल में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और मेयर कार्यालय का भी विशेष जिक्र था। एहतियात के तौर पर तुरंत मेयर की इमारत को खाली कराकर जांच शुरू की गई।
अर्थव्यवस्था पर हमला: ईमेल में देश के सबसे बड़े शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) कार्यालय को भी उड़ाने की बात कही गई है। धमकी देने वाले ने लिखा है, ‘हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को खत्म करना है।’ इस इनपुट के बाद पूरे मुंबई के वित्तीय और प्रशासनिक केंद्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
RSS मुख्यालय को उड़ाने के पीछे ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ का कनेक्शन!
उधर, नागपुर पुलिस को सुबह करीब 10 बजे एक और ईमेल मिला, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए। इस ईमेल में पुणे महापालिका और नागपुर स्थित संघ (RSS) मुख्यालय को उड़ाने की चेतावनी दी गई थी।
विवादास्पद वजह का जिक्र: आरएसएस मुख्यालय को धमकी देते हुए ईमेल में लिखा गया कि, ‘आरएसएस जो आज भाजपा है, उसने 1984 के ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ का समर्थन किया था।’ महाराष्ट्र के 3 बड़े शहरों को बम से उड़ाने की धमकी-RSS मुख्यालय, मुंबई मेयर और BSE निशाने पर; ईमेल में लिखा- ‘हिंदुस्तान
2 घंटे चला सर्च ऑपरेशन: ईमेल मिलते ही नागपुर पुलिस की बीडीडीएस (Bomb Detection and Disposal Squad – BDDS) टीम सुबह 11 बजे संघ मुख्यालय पहुंची। पुलिस और बम स्क्वाड ने करीब दो घंटे तक पूरे परिसर की चप्पा-चप्पा छानबीन की। गनीमत यह रही कि गहन जांच के बाद वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, आईपी एड्रेस खंगालने में जुटी साइबर सेल
इस हाई-प्रोफाइल धमकी के बाद पूरे महाराष्ट्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीमें धमकी भरा ईमेल भेजने वाले के डिजिटल फुटप्रिंट्स (IP Address) को ट्रैक करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह किसी आतंकी संगठन की साजिश है या किसी शरारती तत्व की हरकत, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।