
भूटान में ग्लेशियर झील फटने से उत्तरी बंगाल पर मंडराया बाढ़ का खतरा, अलीपुरद्वार-जलपाईगुड़ी समेत कई जिलों में अलर्ट, सायरन बजाकर लोगों को निकाला जा रहा
भूटान में ग्लेशियर झील फटने से उत्तरी बंगाल पर मंडराया बाढ़ का खतरा, अलीपुरद्वार-जलपाईगुड़ी समेत कई जिलों में अलर्ट, सायरन बजाकर लोगों को निकाला जा रहा
कोलकाता/गुवाहाटी: भूटान के लेमथांग स्थित शितांफू (शिंताफू) ग्लेशियर झील के अचानक फटने से भारत के उत्तरी बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का भारी खतरा पैदा हो गया है। झील से निकला भारी जलप्रवाह मोफू नदी के रास्ते तेजी से निचले इलाकों में बहते हुए बंगाल की संकोश नदी की ओर बढ़ रहा है।
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी: भूटान से आ रहे तेज जलभराव की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल प्रशासन हरकत में आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग समेत उत्तरी बंगाल के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
मंत्रियों ने की सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील: पश्चिम बंगाल के मंत्री निशिथ प्रमाणिक और मनोज कुमार ओरांव ने संकोश नदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने की अपील की है।
NDRF और SDRF तैनात, बज रहे सायरन:
रेस्क्यू टीमें मुस्तैद: आपदा प्रबंधन (Disaster Management), NDRF और SDRF की टीमों को आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
असम-बंगाल के गांवों में अलर्ट: गुरुवार रात से झील से हो रहे तेज बहाव को देखते हुए असम और बंगाल के सीमावर्ती गांवों में लगातार सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
कैचमेंट एरिया खाली करने के निर्देश: संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों के कैचमेंट एरिया में रहने वाले सभी लोगों को फौरन अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।












