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सरकारी आवास से उठाकर ले गए, बंधक बनाकर देखा पर्सनल फोन: जबलपुर में SDM प्रगति गनवीर पर महिला पटवारी के गंभीर आरोप; कलेक्ट्रेट अटैच

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सरकारी आवास से उठाकर ले गए, बंधक बनाकर देखा पर्सनल फोन”: जबलपुर में SDM प्रगति गनवीर पर महिला पटवारी के गंभीर आरोप; कलेक्ट्रेट अटैच

जबलपुर ब्यूरो: जबलपुर की कुंडम तहसील में पटवारियों की हड़ताल और प्रशासनिक खींचतान के बीच एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कुंडम में पदस्थ महिला पटवारी इशिका सोलंकी ने तत्कालीन SDM प्रगति गनवीर पर बंधक बनाने, मानसिक प्रताड़ना देने और निजता का हनन करने के संगीन आरोप लगाए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद शनिवार को SDM को कुंडम से हटाकर कलेक्ट्रेट में अटैच कर दिया गया है।सरकारी आवास से उठाकर ले गए, बंधक बनाकर देखा पर्सनल फोन: जबलपुर में SDM प्रगति गनवीर पर महिला पटवारी के गंभीर आरोप; कलेक्ट्रेट अटैच

सरकारी आवास से उठाकर ले जाने का आरोप महिला पटवारी की लिखित शिकायत के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारी सरकारी वाहनों के साथ राजस्व आवास परिसर पहुंचे। वहां से इशिका सोलंकी और उनकी साथी पटवारियों (अंजली गौतम, धीरज साहू व देवांशु भदौरिया) को बातचीत के बहाने पहले नायब तहसीलदार के आवास पर बुलाया गया और फिर अनिच्छा के बावजूद दबाव बनाकर तहसील कार्यालय ले जाया गया, जहाँ उनकी फोटो भी खींची गईं।

पर्सनल फोन छीनकर देखीं व्हाट्सएप फोटो, तबीयत बिगड़ी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तहसील कार्यालय में SDM ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम तुरंत शुरू करने का दबाव बनाया। इस दौरान SDM ने महिला पटवारी का अनलॉक्ड मोबाइल करीब 15 मिनट तक अपने पास रखकर चलाया और व्हाट्सएप पर मौजूद निजी तस्वीरें व जानकारियां देखीं। साथियों द्वारा मोबाइल लौटाने की मांग के बावजूद फोन नहीं दिया गया।

इस प्रताड़ना से साथी महिला पटवारी अंजली गौतम की घबराहट के कारण तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें बाद में इलाज के लिए कुंडम के शासकीय अस्पताल ले जाना पड़ा।

3 दिन का अल्टीमेटम, महिला आयोग जाने की चेतावनी पटवारी संघ की कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पटवारियों ने कुंडम थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। संघ ने पुलिस को जांच के लिए 3 दिन का समय दिया है। पटवारी संघ का साफ कहना है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा और मामले की शिकायत महिला आयोग में भी दर्ज कराई जाएगी।

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