सैलरी का संकट या कार्रवाई से बचने की साजिश?” शिवपुरी SDM दफ्तर में पटवारी ने खाया संदिग्ध पदार्थ
सैलरी का संकट या कार्रवाई से बचने की साजिश?" शिवपुरी SDM दफ्तर में पटवारी ने खाया संदिग्ध पदार्थ

सैलरी का संकट या कार्रवाई से बचने की साजिश?” शिवपुरी SDM दफ्तर में पटवारी ने खाया संदिग्ध पदार्थ
शिवपुरी:मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील स्थित एसडीएम (SDM) कार्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां अटैच एक पटवारी ने नशे की हालत में संदिग्ध पदार्थ खा लिया। घटना के तुरंत बाद सहकर्मियों और कर्मचारियों ने आनन-फानन में पटवारी को कोलारस अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल पटवारी की हालत खतरे से बाहर है।
8 महीने से सैलरी न मिलने का आरोप
अस्पताल में भर्ती पटवारी ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे पिछले 8 महीनों से वेतन (Salary) नहीं मिला है। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के कारण ही उसने यह आत्मघाती कदम उठाने जैसा मजबूर होना पड़ा।
SDM का पलटवार: ‘कार्रवाई और जांच से बचने का दबाव’
दूसरी ओर, कोलारस SDM ने पटवारी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। SDM का कहना है कि:
- पटवारी के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर विभागीय अनियमितताओं की जांच चल रही है।
- जांच की निष्पक्ष कार्रवाई से बचने और प्रशासन पर अनैतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से ही पटवारी ने यह ड्रामा रचा है।
- फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों पक्ष के बयानों की जांच कर रहे हैं और जिला अस्पताल में पटवारी का इलाज जारी है।सैलरी का संकट या कार्रवाई से बचने की साजिश?” शिवपुरी SDM दफ्तर में पटवारी ने खाया संदिग्ध पदार्थ








