मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में उस वक्त माहौल भावुक हो गया, जब जिले के दूर-दराज अंचलों से आईं महिलाएं अपनी फरियाद लेकर पहुंचीं। ‘मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना’ का लाभ न मिलने पर लाडली बहनों का दर्द छलका और उन्होंने कलेक्टर के सामने अपनी समस्याएं रखीं। महिलाओं की बात को बेहद संवेदनशीलता से सुनते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि जिले की एक भी पात्र बहन योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए
कलेक्टर ने प्रत्येक नागरिक की समस्या को पूरे धैर्य, संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना तथा मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
‘नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें’ – कलेक्टर
अधिकारियों को जवाबदेही का अहसास कराते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्पष्ट कहा: लाडली बहनों का छलका दर्द: जनसुनवाई में पहुंचीं महिलाएं; कलेक्टर बोले- एक भी पात्र बहन योजना से न छूटे
“शिकायतों के निराकरण के प्रति अधिकारी पूरी तरह जवाबदेह बनें। किसी भी नागरिक को अपनी जायज समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारी लंबित प्रकरणों की सतत समीक्षा करें और पात्र हितग्राहियों को समय पर राहत और न्याय दिलाएं।”
इन प्रमुख विभागों से जुड़ी आईं शिकायतें:
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए:
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राजस्व विभाग: भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण, भूमि आवंटन, अतिक्रमण हटाने और नक्शा सुधार से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
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विद्युत विभाग: बिजली बिलों में गड़बड़ी (त्रुटि सुधार), ट्रांसफार्मर बदलने और नए बिजली के खंभे लगाने संबंधी आवेदन।
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खाद्य विभाग: राशन डीलर द्वारा कम खाद्यान्न वितरण की शिकायतें।
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महिला एवं बाल विकास: ‘मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना’ की राशि न मिलने की समस्या।
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अन्य मामले: शिक्षा विभाग में स्कूल द्वारा टीसी (TC) न देने, पीएम आवास योजना की नई सूची में नाम जुड़वाने सहित कई जनहित से जुड़ी समस्याएं रखी गईं।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर श्री जितेन्द्र पटेल, कटनी एसडीएम श्री प्रमोद चतुर्वेदी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आए प्रत्येक आवेदन का तथ्यात्मक परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।