तिलक महाविद्यालय में हर्षोल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी,संगोष्ठी के साथ गीत, संगीत, भजन एवं नृत्य की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

तिलक महाविद्यालय में हर्षोल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी,संगोष्ठी के साथ गीत, संगीत, भजन एवं नृत्य की प्रस्तुतियों ने बांधा समा
कटनी। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बाजपेई की अध्यक्षता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग के नेतृत्व में भगवान श्रीकृष्ण की जयंती के उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगोष्ठी के साथ गीत, संगीत, भजन एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर डॉ. आर.पी. मिश्रा, डॉ. एम.पी. यादव, डॉ. विनय बाजपेई एवं डॉ. माधुरी गर्ग ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान श्री विवेक वंशकार ने बांसुरी वादन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित की। देवांशु जायसवाल ने सुमधुर गीत प्रस्तुत किया। रिया कुशवाहा ने ‘मोहे रंग लो लाल’ भजन की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। समीर पांडे ने भजन प्रस्तुत किया, वहीं सत्यम लोधी ने ‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्री अजय कुररिया ने भी सुमधुर गीत प्रस्तुत कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। डॉ. विनय बाजपेई ने कालियामर्दन प्रसंग का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के कार्यों एवं उनके संदेश पर प्रकाश डाला। डॉ. सरदार दिवाकर ने श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें उनके जीवन एवं कार्यों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाना चाहिए।
डॉ. माधुरी गर्ग ने श्रीमद्भगवद्गीता के महत्व एवं भगवान श्रीकृष्ण के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कर्म के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन में निरंतर कर्म करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक संवर्ग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. माधुरी गर्ग ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह ने किया।








