भाजपा नेता रमेश शुक्ला और उद्योगपति मुकेश गुप्ता के बीच विवाद का मामला, ब्राम्हण समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर की दोनों पक्षों पर एक सामान धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग

कटनी(YASHBHARAT.COM)। माधवनगर थाना अंतर्गत विश्राम बाबा के समीप जमीन में कब्जे को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस के द्वारा एक पक्ष पर गंभीर धाराओं के तहत की गई कार्रवाई को जिला ब्राम्हण समाज ने भी गलत ठहराया है और पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंप कर मामले की विवेचना के दौरान वास्तविक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। गौरतलब है कि बीते दिनों विश्राम बाबा के समीप जमीन एक टुकड़े में कब्जे को लेकर शहर के दो प्रतिष्ठित परिवार व उनके समर्थकों के बीच विवाद, गाली गलौच व मारपीट हुई थी। मामला थाना पहुंचा तो पुलिस को भाजपा नेता रमेश शुक्ला की शिकायत दर्ज उद्योगपति मुकेश गुप्ता व उनके समर्थकों पर मारपीट की साधारण धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था जबकि मुकेश गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा नेता रमेश शुक्ला सहित उनके तीन दर्जन से अधिक समर्थकों पर हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध कायम किया है। इसी संबंध में गत दिवस जिला ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष राजू शर्मा समाज के पदाधिकारियों और समर्थकों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तथा पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंप कर मामले में दोनों पक्षों पर सामान धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए ज्ञापन के अनुसार ब्राम्हण समाज का कहना है कि 05 जुलाई 2026 को प्रातः 10.00 बजे कटनी नगर के विश्राम बाबा के समीप जमीन को लेकर भाजपा नेता रमेश शुक्ला एवं उद्योगपति मुकेश गुप्ता के बीच विवाद हुआ था। थाना माधवनगर में दोनों पक्षा की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। जिस पर ब्राह्मण समाज कटनी का कथन है कि दोषी को उसके द्वारा किये गए अपराध के अतर्गत ही मामला कायम कर न्याय की प्रक्रिया पूर्ण की जाये जो कि भारतीय संविधान के अनुरूप है।
समाज को निम्न बिन्दुओं पर आपत्ति है
1-भाजपा नेता रमेश शुक्ला के पुत्र यज्ञवल्क शुक्ला घटना स्थल पर पटना दिनांक को नहीं थे, उन पर मामला कैसे कायम हो गया।
2- भाजपा नेता रमेश शुक्ला एवं अन्य पर अपराध की जो गंभीर धारा अधिरोपित की गयी है क्या वास्तव में इस स्तर का घटनाक्रम घटित हुआ है?
उपरोक्त बिन्दुओ पर न केवल ब्राम्हण समाज कटनी बल्कि शहर के दूसरे वर्ग में भी अविश्वास का वातावरण निर्मित हो रहा है एवं इसके आकोश में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है। इसलिए मामले की गंभीरता से जांच हो और दोनों पक्षों पर एक सामान धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। ब्राम्हण समाज ने ज्ञापन मे यह भी स्पष्ट किया है कि वो घटना में शामिल आदतन अपराधियों के साथ नहीं है।








