गैस एजेंसी संचालक को FIR की धमकी देकर मांगी थी ₹2.50 लाख की रिश्वत; ₹1 लाख पहले डकारे, बाकी के ₹50 हजार लेते ही दबोचा गया भ्रष्ट अधिकारी
खाद्य विभाग का कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और उसका मुखबिर ₹50,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार
गैस एजेंसी संचालक को FIR की धमकी देकर मांगी थी ₹2.50 लाख की रिश्वत; ₹1 लाख पहले डकारे, बाकी के ₹50 हजार लेते ही दबोचा गया भ्रष्ट अधिकारी
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को एक और बड़ी और सर्जिकल स्ट्राइक की है। लोकायुक्त की टीम ने इंदौर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर घेराबंदी कर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और उनके एक निजी मुखबिर (दलाल) को ₹50,000 की रिश्वत की आखिरी किस्त लेते हुए सरेआम रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट और खाद्य विभाग के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला? गैस एजेंसी संचालक को दी थी केस की धमकी
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश सहाय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई की कहानी देवास और इंदौर से जुड़ी हुई है:
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शिकायतकर्ता कौन हैं?: शिकायतकर्ता प्रमोद दुबे (निवासी: बाणगंगा, इंदौर) हैं, जो देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के ग्राम घीसलाय में स्थित ‘पटेल एचपी गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी’ के सह-संचालक (Co-owner) हैं।
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अधिकारियों की धमकी: शिकायतकर्ता प्रमोद दुबे ने लोकायुक्त में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि बीते 6 मई को खाद्य विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और उनके साथी अधिकारियों ने उन पर इंदौर में महंगे दामों पर कमर्शियल गैस सिलेंडर अवैध रूप से बेचने का आरोप लगाया था।
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केस दर्ज करने का डर: अधिकारियों ने इस मामले को रफा-दफा करने और उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला (FIR) दर्ज न करने के एवज में भारी-भरकम रकम की मांग की थी।गैस एजेंसी संचालक को FIR की धमकी देकर मांगी थी ₹2.50 लाख की रिश्वत; ₹1 लाख पहले डकारे, बाकी के ₹50 हजार लेते ही दबोचा गया भ्रष्ट अधिकारी
₹2.50 लाख से शुरू हुई थी डील; ₹1 लाख पहले ही ले चुका था अधिकारी
भ्रष्ट अधिकारी राहुल शर्मा ने कानूनी कार्रवाई से बचाने और डराने के एवज में शुरुआत में ₹2.50 लाख की मोटी रिश्वत मांगी थी।
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₹1.50 लाख पर तय हुआ सौदा: पीड़ित द्वारा असमर्थता जताने और काफी मोलभाव के बाद मामला ₹1.50 लाख की रिश्वत पर तय हुआ।
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₹1 लाख पहले ही डकारे: शातिर अधिकारी राहुल शर्मा ने बातचीत के दौरान ही ₹1 लाख एडवांस के तौर पर ले लिए थे। इसके बाद वह बची हुई रकम यानी ₹50,000 के लिए शिकायतकर्ता पर लगातार मानसिक दबाव बना रहा था और धमकियां दे रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने लोकायुक्त कार्यालय की शरण ली। गैस एजेंसी संचालक को FIR की धमकी देकर मांगी थी ₹2.50 लाख की रिश्वत; ₹1 लाख पहले डकारे, बाकी के ₹50 हजार लेते ही दबोचा गया भ्रष्ट अधिकारी








