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रतलाम के रावटी में मतांतरण के खेल का पर्दाफाश: ‘चमत्कारी पानी’ पिलाकर दबाव बनाने वाले दंपती पर FIR दर्ज

रावटी मतांतरण मामला

रावटी (मध्य प्रदेश): रतलाम जिले के रावटी मतांतरण मामला में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। स्टेशन रोड स्थित एक किराये के मकान में प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे संदिग्ध धर्म परिवर्तन के खेल का पर्दाफाश हुआ है। शुरुआती जांच में पर्याप्त सबूत न मिलने के बाद, अब पीड़ित युवक के सीधे सामने आने और उसके सनसनीखेज आरोपों के आधार पर पुलिस ने पति-पत्नी समेत तीन लोगों के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (Madhya Pradesh Freedom of Religion Act) की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।

इस घटना के बाद से पूरे रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।


क्या है पूरा रावटी मतांतरण मामला? (प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण)

यह मामला 1 नवंबर का है, जब हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि स्टेशन रोड स्थित एक मकान में बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को इकट्ठा किया गया है। आशंका जताई गई थी कि वहां प्रार्थना सभा का बहाना बनाकर लोगों का मतांतरण कराया जा रहा है।

सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस द्वारा जब संबंधित मकान की तलाशी ली गई, तो वहां से:
* 3 धर्मग्रंथ (बाइबल)
* 1 डिजिटल पेन ड्राइव
* कई संदिग्ध आईडी कार्ड (ID Cards)
* प्रार्थना सभा और मतांतरण से जुड़ी प्रचार सामग्रियां

जब्त की गई थीं। हालांकि, शुरुआती पूछताछ के दौरान मौके पर मौजूद लोगों से स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिल सके थे, जिससे मामला शांत दिख रहा था। लेकिन पीड़ित युवक की शिकायत दर्ज होते ही यह रावटी मतांतरण मामला एक नया मोड़ ले चुका है।


पीड़ित शिवा की आपबीती: ‘चमत्कारी पानी’ पिलाते ही आने लगे चक्कर

रावटी निवासी 21 वर्षीय पीड़ित शिवा रायकवार ने थाना पहुंचकर पुलिस को अपनी लिखित शिकायत सौंपी। शिवा ने बताया कि 1 नवंबर को दोपहर लगभग 12 बजे वह ग्रामीणों के कहने पर उस प्रार्थना सभा में गया था। ग्रामीणों ने उसे बताया था कि वहां प्रार्थना करने से जीवन के सभी दुख, कष्ट और पुरानी बीमारियां हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं।

जब शिवा स्टेशन रोड स्थित उस किराये के मकान के अंदर पहुंचा, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गया। मकान के भीतर:
* 25 से 30 महिलाएं
* 5 से 7 छोटे बच्चे
* 8 से 10 पुरुष पहले से मौजूद थे।

‘द्रव्य पीते ही हुई घबराहट, फिर बनाया धर्म बदलने का दबाव’

शिकायत के अनुसार, वहां मौजूद नंदीबाई अमलियार ने शिवा से बातचीत की और दावा किया कि अगर वह ईसाई धर्म अपना लेता है, तो उसकी सभी परेशानियां और शारीरिक बीमारियां चुटकी में खत्म हो जाएंगी। इसके बाद नंदीबाई ने एक स्टील की केतली में से ‘चमत्कारी पानी’ बताकर शिवा को चम्मच से एक अज्ञात द्रव्य पिलाया।

पीड़ित शिवा का बयान: “जैसे ही मैंने वह तरल पदार्थ पिया, मुझे तुरंत तेज घबराहट होने लगी और मेरा सिर चकराने लगा। इसके ठीक बाद नंदीबाई और उनके साथ मौजूद एक अन्य महिला ने बाइबल का पाठ शुरू कर दिया और मुझ पर धर्म परिवर्तन करने के लिए बार-बार मानसिक दबाव बनाने लगीं।”


दोस्त को फोन कर बुलाई पुलिस, दंपती पर केस दर्ज

जब शिवा को लगा कि उसकी तबीयत बिगड़ रही है और उस पर मतांतरण का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है, तो उसने होशियारी दिखाते हुए तुरंत अपने मित्र गजेंद्र सिंह राठौड़ को फोन लगाया। शिवा ने अपनी स्थिति बताई, जिसके बाद गजेंद्र ने तुरंत रावटी थाना पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।

पीड़ित शिवा रायकवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए:
1. टीकमसिंह अमलियार
2. नंदीबाई अमलियार (पत्नी)
3. एक अन्य अज्ञात महिला

के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज कर लिया है।


थाना प्रभारी का आधिकारिक बयान

रावटी थाना प्रभारी मनीष डावर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

“1 नवंबर को हुई घटना में पीड़ित शिवा रायकवार के बयानों और शिकायत के आधार पर आरोपी दंपती और एक अन्य महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या इस क्षेत्र में कोई गिरोह सक्रिय है जो प्रलोभन या दबाव देकर लोगों का धर्म परिवर्तन करवा रहा है।” — मनीष डावर (थाना प्रभारी, रावटी)


क्षेत्र में तनाव और पुलिस की सतर्कता

इस रावटी मतांतरण मामला के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भोले-भाले आदिवासियों को बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का लालच देकर इस तरह की प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता है। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है और साफ किया है कि अवैध मतांतरण की गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


घटना से जुड़े मुख्य बिंदु (Quick Summary)

मुख्य विवरण जानकारी
घटना का नाम रावटी मतांतरण मामला (रतलाम)
मुख्य आरोपी टीकमसिंह अमलियार, नंदीबाई अमलियार एवं 1 अन्य महिला
पीड़ित का नाम शिवा रायकवार (उम्र 21 वर्ष)
कानूनी कार्रवाई मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (MP Freedom of Religion Act)
संबंधित थाना थाना रावटी, जिला रतलाम (म.प्र.)
जांच अधिकारी थाना प्रभारी मनीष डावर
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