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5 मिनट में 60 टेस्ट करने वाला प्रदेश का पहला ‘हेल्थ एटीएम’ 5 महीने से बंद; संजीवनी क्लीनिक के जिस रूम में था डिजिटल डॉक्टर, वहां अब कचरे का डिब्बा

5 मिनट में 60 टेस्ट करने वाला प्रदेश का पहला 'हेल्थ एटीएम' 5 महीने से बंद; संजीवनी क्लीनिक के जिस रूम में था डिजिटल डॉक्टर, वहां अब कचरे का डिब्बा

5 मिनट में 60 टेस्ट करने वाला प्रदेश का पहला ‘हेल्थ एटीएम’ 5 महीने से बंद; संजीवनी क्लीनिक के जिस रूम में था डिजिटल डॉक्टर, वहां अब कचरे का डिब्बा

इन्दौर। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को हाईटेक तकनीक से जोड़कर आम जनता तक मुफ्त इलाज पहुंचाने का सरकारी दावा पूरी तरह पटरी से उतर गया है। प्रदेश का पहला ‘हेल्थ एटीएम’, जो कभी अपनी आधुनिक तकनीक के लिए खूब वाहवाही बटोर रहा था, आज खुद बदहाली का शिकार होकर कबाड़ में तब्दील होने की कगार पर है।

कुलकर्णी नगर स्थित संजीवनी क्लिनिक में स्थापित यह डिजिटल हेल्थ एटीएम पिछले पांच महीनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस वातानुकूलित (AC) रूम में लाखों रुपये की यह मशीन लगाई गई थी, वहां अब अस्पताल का कचरा और डस्टबीन (कचरे के डिब्बे) रख दिए गए हैं।

बंद होने की वजह: न ऑपरेटर बचा, न जांच के लिए ‘किट’

इस डिजिटल एटीएम के ताला लटकने के पीछे बेहद चौंकाने वाली प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है:

  • सामग्री की किल्लत: मशीन को चलाने वाली निजी कंपनी ने पिछले 5 महीनों से जांच के लिए जरूरी मेडिकल किट और अन्य केमिकल (सामग्री) भेजना ही बंद कर दिया है

  • ऑपरेटर भी गायब: किट न होने और मशीन बंद रहने के कारण इसे ऑपरेट करने के लिए तैनात किया गया टेक्निकल स्टाफ (ऑपरेटर) भी अब क्लिनिक से नदारद है।

 क्या थे वो बड़े दावे? (जो सिर्फ कागजों पर रह गए)

जब इस हेल्थ एटीएम का बड़े धूमधाम से उद्घाटन किया गया था, तब जनता को कई बड़े सपने दिखाए गए थे:

  1. 5 मिनट में 60 जांचें: दावा था कि मरीज यहां आकर बिना किसी लंबी लाइन के सिर्फ 5 मिनट में अपनी जांचें करा सकेंगे।

  2. इन गंभीर बीमारियों का था मुफ्त टेस्ट: डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टायफाइड, कोविड-19, शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ईसीजी (ECG) के साथ-साथ किडनी और लिवर फंक्शन जैसे 60 से अधिक टेस्ट पूरी तरह फ्री होने थे।

  3. ऑन द स्पॉट रिपोर्ट और वीडियो कंसल्टेशन: मरीजों को कुछ ही मिनटों में प्रिंटेड रिपोर्ट मिलने और सीधे स्क्रीन पर बड़े डॉक्टरों से मुफ्त वीडियो परामर्श (Video Consultation) की सुविधा का दावा था।

रसूखदारों के वीआईपी उद्घाटन के बाद भूली सरकार

गौरतलब है कि जब इस हेल्थ एटीएम का लोकार्पण हुआ था, तब क्षेत्र के कद्दावर विधायक रमेश मेंदोला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और क्षेत्रीय पार्षद जीतू यादव (जाटव) समेत कई आला अधिकारी और नेता कैमरे के सामने फोटो खिंचवाने पहुंचे थे। लेकिन उद्घाटन की सुर्खियां बटोरने के बाद, इस बेहतरीन जनसुविधा को सुचारू रूप से चलाने की सुध न तो नगर निगम ने ली और न ही स्वास्थ्य विभाग ने। नतीजा यह है कि आज गरीब और मध्यमवर्गीय मरीज मामूली जांचों के लिए भी निजी पैथोलॉजी लैबों में मोटी रकम खर्च करने को मजबूर हैं।

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