दिल्ली जैसी हाईटेक तकनीक… अब दोनों ट्रैक पर एक साथ फर्राटा भरेगी भोपाल मेट्रो; CMRS के सामने पास हुई ‘अग्निपरीक्षा
दिल्ली जैसी हाईटेक तकनीक... अब दोनों ट्रैक पर एक साथ फर्राटा भरेगी भोपाल मेट्रो; CMRS के सामने पास हुई 'अग्निपरीक्षा
दिल्ली जैसी हाईटेक तकनीक… अब दोनों ट्रैक पर एक साथ फर्राटा भरेगी भोपाल मेट्रो; CMRS के सामने पास हुई ‘अग्निपरीक्षा
भोपाल। राजधानी में मेट्रो सेवा शुरू होने की उल्टी गिनती अब आखिरी दौर में पहुंच चुकी है। गुरुवार को सुभाष नगर से एम्स मेट्रो स्टेशन के बीच बने प्रायोरिटी कॉरिडोर (Priority Corridor) के ट्रैक पर रफ्तार और सुरक्षा का सबसे बड़ा और कड़ा इम्तिहान लिया गया। दिल्ली से विशेष रूप से आए मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) नील्बरर सेन गुप्ता और उनकी हाई-लेवल एक्सपर्ट टीम ने पूरे ट्रैक, इंफ्रास्ट्रक्चर और सिग्नलिंग सिस्टम की बारीकी से जांच की।
इस सुरक्षा जांच (Safety Inspection) के दौरान भोपाल मेट्रो के इतिहास में पहली बार अप और डाउन, दोनों ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से दौड़ाकर ‘स्पीड ट्रायल’ लिया गया।
सिग्नलिंग और सेफ्टी सिस्टम की हुई ‘अग्निपरीक्षा’
दिल्ली से आई सीएमआरएस (CMRS) की टीम ने गुरुवार सुबह से ही कॉरिडोर पर कमान संभाल ली थी। इस दौरान जांच टीम ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को परखा:दिल्ली जैसी हाईटेक तकनीक… अब दोनों ट्रैक पर एक साथ फर्राटा भरेगी भोपाल मेट्रो; CMRS के सामने पास हुई ‘अग्निपरीक्षा
-
सिग्नलिंग टेस्ट: ट्रेन कंट्रोल और सिग्नलिंग सिस्टम (Signalling System) ठीक से रिस्पॉन्ड कर रहा है या नहीं, इसे अलग-अलग स्पीड पर चेक किया गया।
-
इमरजेंसी ब्रेकिंग: 90 किमी/घंटे की टॉप स्पीड के दौरान अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रैक की मजबूती और ट्रेन के सेफ्टी फीचर्स को परखा गया।
-
यात्री सुरक्षा: ट्रैक के घुमावों (Curves) और स्टेशनों के पास ट्रेन के वाइब्रेशन (कंपन) की भी आधुनिक उपकरणों से रीडिंग ली गई।
अब इसी रफ्तार से तय होगा सुभाष नगर से एम्स का सफर
मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, अब तक हुए ट्रायल्स में मेट्रो को सीमित गति पर चलाया जा रहा था, लेकिन गुरुवार को कमर्शियल रन (आम जनता के लिए शुरुआत) से पहले इसकी अधिकतम क्षमता को जांचा गया।
आगे का प्लान: अगर सीएमआरएस टीम की इस फाइनल जांच की विस्तृत रिपोर्ट में सब कुछ सही और मानक के अनुरूप पाया जाता है (जिसकी पूरी उम्मीद है), तो राज्य सरकार को कमिश्नर सर्टिफिकेट मिल जाएगा। इसके बाद भविष्य में आम जनता के लिए भी मेट्रो सुभाष नगर से एम्स के बीच इसी 90 किमी/घंटे की रफ्तार से फर्राटा भरेगी, जिससे यात्रियों का समय बेहद कम हो जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो इस फाइनल क्लीयरेंस के मिलते ही अगले कुछ ही दिनों में भोपाल मेट्रो के इस रूट को आम जनता के सफर के लिए आधिकारिक रूप से खोल दिया जाएगा।








