अदालत के दरवाजे सबके लिए खुले हैं”: राहुल गांधी संग INDIA ब्लॉक को CJI सूर्यकांत का जवाब; मुलाकात से इनकार की बताई वजह

भारत के 53वें CJI बनेंगे जस्टिस सूर्यकांत, अनुच्छेद 370, SIR और पेगासस जैसे अहम मामलों में निभाई थी बड़ी भूमिका

अदालत के दरवाजे सबके लिए खुले हैं”: राहुल गांधी संग INDIA ब्लॉक को CJI सूर्यकांत का जवाब; मुलाकात से इनकार की बताई वजह

यशभारत डिजिटल (नई दिल्ली): लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के ऐलान के बीच देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत का बड़ा बयान सामने आया है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा ज्ञापन सौंपने के लिए मांगे गए मुलाकात के समय पर CJI ने स्पष्ट किया है कि वे पूर्व में तय व्यस्तताओं और न्यायिक मर्यादाओं के कारण नहीं मिल पाएंगे।

CJI सूर्यकांत बोले- “हर नागरिक का अदालत में स्वागत है” विपक्ष के प्रदर्शन से पहले मीडिया के सामने आकर CJI सूर्यकांत ने स्थिति साफ करते हुए कहा— “मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था। मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था कि मैं क्यों नहीं मिल पाऊंगा?”

मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा— “सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की किसी भी याचिका का स्वागत है। हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है। हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे।”

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ और ‘वोट चोरी’ पर कही यह बात ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर गठित JPC के सुप्रीम कोर्ट दौरे को रद्द करने के संदर्भ में CJI ने कहा कि अदालत में हितों के टकराव (Conflict of Interest) की संभावनाओं से बचना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ न्यायिक सहयोगियों और उनकी सामूहिक राय थी कि प्रशासनिक मामलों और कोर्ट में लंबित मामलों के बीच किसी भी तरह के हितों के टकराव से बचना जरूरी है।

सूत्रों के अनुसार, सीजेआई ने राहुल गांधी से मुलाकात से इनकार की वजह बताते हुए कहा कि ‘वोट चोरी’ और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर इस पर चर्चा उचित नहीं है।

विपक्ष की प्रमुख मांगें विपक्ष के नेताओं ने CJI को पत्र लिखकर सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। विपक्ष उन्हें ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें रखना चाहता था:

  • ‘वोट चोरी’ की घटनाओं पर रोक लगाई जाए।

  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लिया जाए।

  • मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) रोका जाए।

  • पुनः वैलेट पेपर (मतपत्र) प्रणाली की ओर वापस लौटा जाए।