राजस्थान हाई कोर्ट विवाद: CJI सूर्यकांत बोले- ‘आरोपों का निपटारा मीडिया में नहीं, संस्थागत प्रक्रिया से होगा’

राजस्थान हाई कोर्ट विवाद: CJI सूर्यकांत बोले- ‘आरोपों का निपटारा मीडिया में नहीं, संस्थागत प्रक्रिया से होगा’
राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (ACJ) संजीव प्रकाश शर्मा और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता के बीच शुरू हुआ विवाद अब मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के पास पहुंच चुका है। जस्टिस मेहता द्वारा ACJ शर्मा पर लगाए गए गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं और केस लिस्टिंग में हेरफेर के आरोपों पर CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है।
जर्मनी यात्रा के दौरान बयान जारी करते हुए CJI ने कहा कि आरोपों से “स्थापित संस्थागत प्रक्रियाओं के जरिए सख्ती से” निपटा जाएगा, और कोई भी फैसला मीडिया के जरिए नहीं दिया जा सकता।
मामले के मुख्य बिंदु (Key Details)
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जस्टिस संदीप मेहता के गंभीर आरोप: जस्टिस मेहता ने CJI को 3 अलग-अलग पत्र लिखकर आरोप लगाया कि ACJ संजीव प्रकाश शर्मा अमीर मुकदमों से जुड़े केस लिस्टिंग में हेरफेर कर रहे हैं और अगले महीने होने वाले अपने रिटायरमेंट से पहले प्रशासनिक शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट में दूसरे राज्य से तुरंत नया चीफ जस्टिस नियुक्त करने की मांग की है।
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दोनों पक्षों की होगी जांच: CJI सूर्यकांत ने कहा कि महज आरोप लगा देने से ही इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। ACJ शर्मा को भी अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा और जांच के बाद ही सक्षम प्राधिकारी द्वारा उचित निर्णय लिया जाएगा।
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कॉलेजियम कर रहा विचार: CJI ने आश्वस्त किया कि वे और कॉलेजियम के अन्य सदस्य पत्रों में उठाई गई चिंताओं पर ध्यान दे रहे हैं और देश के विभिन्न हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।








