Tatkal Reservation Booking: तत्काल रिजर्वेशन टिकट मिलना मुश्किल, Login करते ही Booking Full का मैसेज। गर्मियों की छुट्टियों की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे लोगों को आसानी से ट्रेन के कन्फर्म टिकट उपलब्ध नहीं हो रहे हैं।
तत्काल टिकट के लिए रिजर्वेशन काउंटर से लेकर आनलाइन तक मारामारी मची हुई है। विंडो खुलते ही जैसे ही लोग टिकट का फार्म देते हैं, तब तक सीटें बुक हो जाती हैं। आनलाइन लागइन करते हुए भी सीटें बुक हो जाती हैं। ऐसे में छुट्टियों पर हिल स्टेशन या धार्मिक स्थलों पर जाने का प्लान बनाने वाले लोग निराश हो रहे हैं।
एप व वेबसाइट खोलते ही बुक हो जाती है सीटें
यात्री जब अपने आइआरसीटीसी मोबाइल ऐप से तत्काल टिकट बनवाने के लिए ओपन करते है और लागइन करने के लिए पासवर्ड ओटीपी या कैप्चा डालते हैं, उतनी देर में तो सभी सीटें बुक हो जाती है। दरअसल, आपातकालीन स्थिति में ट्रेन से यात्रा करनी हो, तो रेलवे ने तत्काल बुकिंग सिस्टम बनाया हुआ है। यह तत्काल विंडो ट्रेन डिपार्चर से 24 घंटे पहले ही खुलता है और टिकट बुक होती है, लेकिन तत्काल खुलते ही टिकट खत्म हो जाती हैं। लोग तत्काल में भी टिकट बुक करवा कर यात्रा नहीं कर पाते।
दलाल भी सक्रिय
इसी बीच स्टेशन पर अब दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। ये दलाल टिकट बुक करने की गारंटी देकर कंफर्म सीट दे रहे हैं। रेलवे स्टेशन के आरक्षण कार्यालय के पास टिकट दलाल रोज घूमते नजर आते हैं, लेकिन इन पर आरपीएफ ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। दलाल एक कन्फर्म टिकट पर 300 से 500 रुपए एक्स्ट्रा वसूलते हैं। समर वैकेशन में जिस तरह जितनी वेटिंग चल रही होती है, उस ट्रेन में कन्फर्म टिकट की डिमांड ज्यादा रहती है। ऐसे में दलाल भी उस ट्रेन में कन्फर्म टिकट बनाने के लिए चार्ज एक्स्ट्रा वसूलता है। इस समस्या से बचने का एक उपाय समर स्पेशल ट्रेनें चलाना है, लेकिन रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें भी नहीं चलाई हैं।











