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Swadesh Darshan 2.0: ₹24.89 करोड़ से बदलेगी ऐतिहासिक मांडू की सूरत, ‘नाइट टूरिज्म’ का बनेगा नया ग्लोबल हब

Swadesh Darshan 2.0: ₹24.89 करोड़ से बदलेगी ऐतिहासिक मांडू की सूरत, ‘नाइट टूरिज्म’ का बनेगा नया ग्लोबल हब।  बादलों और महलों की नगरी मांडू (Mandu) जल्द ही देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए एक बिल्कुल नए और आधुनिक अवतार में नजर आएगी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वदेश दर्शन 2.0 योजना’ (Swadesh Darshan 2.0 Scheme) के तहत मांडू के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने के लिए ₹24.89 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है।

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इस मेगा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए हाल ही में कलेक्टर कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मांडू को नए पर्यटन हब के रूप में री-ब्रांड करने का पूरा रोडमैप तैयार किया गया है।

 स्मारकों से आगे बढ़कर अब “नाइट टूरिज्म” पर होगा फोकस

अब तक मांडू आने वाले पर्यटक केवल दिन के उजाले में रानी रूपमती महल, हिंडोला महल और जहाज महल जैसे ऐतिहासिक स्मारकों को देखकर लौट जाते थे, लेकिन अब यह ट्रेंड बदलने वाला है:

  • रातों में भी गुलजार रहेगा मांडू: इस योजना का मुख्य फोकस मांडू को “नाइट टूरिज्म” (Night Tourism) के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके तहत सभी प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों पर अत्याधुनिक हेरिटेज लाइटिंग और नाइट वॉक की व्यवस्था की जाएगी।
  • सांस्कृतिक गतिविधियों का हब: पर्यटकों को रात में रोकने के लिए मांडू में बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लाइट एंड साउंड शो और मालवा की लोक संस्कृति से जुड़े इवेंट्स नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत क्या-क्या बदलेगा?

₹24.89 करोड़ की इस भारी-भरकम राशि से मांडू के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को सुधारा जाएगा:

  • वर्ल्ड क्लास एमेनिटीज: पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक इंफॉर्मेशन सेंटर, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और रास्तों का सुंदरीकरण किया जाएगा।
  • इको-टूरिज्म और हेरिटेज का कॉम्बो: मांडू की प्राकृतिक खूबसूरती (झरने, झीलें और वर्षा ऋतु का नजारा) को बिना नुकसान पहुंचाए इको-फ्रेंडली तरीके से डेवलप किया जाएगा।
  • डिजिटल गाइडेंस: विदेशी और घरेलू पर्यटकों की मदद के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल गाइड्स और साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे।Swadesh Darshan 2.0: ₹24.89 करोड़ से बदलेगी ऐतिहासिक मांडू की सूरत, ‘नाइट टूरिज्म’ का बनेगा नया ग्लोबल हब

 वर्षा ऋतु की रानी को मिलेगा नया मुकाम

मांडू को हमेशा से “सिटी ऑफ जॉय” (City of Joy) कहा जाता है। खासकर मानसून के दौरान जब यहां की पहाड़ियों पर बादल उतर आते हैं, तो यह नजारा देखने लायक होता है। केंद्र और राज्य सरकार की इस साझा कयावद का सीधा उद्देश्य मांडू को सिर्फ एक सीजनल टूरिस्ट स्पॉट (केवल बारिश में चलने वाला) न रखकर, 365 दिन गुलजार रहने वाला डेस्टिनेशन बनाना है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरे होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और होम-स्टे बिजनेस के नए अवसर खुलेंगे।

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