चंबल में रेत के अवैध खेल पर SP का महा-एक्शन, आधी रात को नदी से निकल रही थी रेत; वीडियो देख सबलगढ़ TI सस्पेंड, पंकज मुदगल को कमान
चंबल में रेत के अवैध खेल पर SP का महा-एक्शन, आधी रात को नदी से निकल रही थी रेत; वीडियो देख सबलगढ़ TI सस्पेंड, पंकज मुदगल को कमान
मुरैना: चंबल नदी से होने वाले रेत के अवैध उत्खनन (अवैध खनन) को रोकने के लिए सूबे की सरकार और स्थानीय प्रशासन भले ही पूरा दम लगाने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में शासन के तमाम दावों को ठेंगा दिखाते हुए माफिया रात के अंधेरे में धड़ल्ले से चंबल का सीना चीर रहे हैं।चंबल में रेत के अवैध खेल पर SP का महा-एक्शन, आधी रात को नदी से निकल रही थी रेत; वीडियो देख सबलगढ़ TI सस्पेंड, पंकज मुदगल को कमान
इस अवैध कारोबार को लेकर अब पुलिस महकमे में एक बड़ा धमाका हुआ है। मुरैना एसपी धर्मराज मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सबलगढ़ थाना प्रभारी (TI) राजकुमारी परमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
ग्रामीण के एक ‘सीक्रेट वीडियो’ ने खोल दी पुलिस की पोल
अवैध उत्खनन का यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब सबलगढ़ क्षेत्र के ही एक जागरूक ग्रामीण ने जान जोखिम में डालकर आधी रात को चल रहे रेत के खेल का एक वीडियो बना लिया।
-
सीधे कप्तान को भेजा वीडियो: ग्रामीण ने यह वीडियो किसी स्थानीय पुलिसकर्मी को देने के बजाय सीधे मुरैना एसपी धर्मराज मीना के पर्सनल नंबर पर भेज दिया।
-
वीडियो में दिखा खौफनाक नजारा: वीडियो में साफ दिख रहा था कि कैसे रात के सन्नाटे में चंबल नदी के प्रतिबंधित घाटों से पोकलेन और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए धड़ल्ले से अवैध रेत निकाली जा रही है और स्थानीय पुलिस गहरी नींद में सो रही है।
एसपी का हंटर चला, टीआई पर गिरी गाज; नए थानेदार की एंट्री
जैसे ही यह वीडियो एसपी धर्मराज मीना के सामने आया, वे आगबबूला हो गए। रेत माफियाओं को मिल रहे कथित वीआईपी संरक्षण और लापरवाही को बर्दाश्त न करते हुए एसपी ने सबलगढ़ टीआई राजकुमारी परमार पर निलंबन की बड़ी गाज गिरा दी।
इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद सबलगढ़ थाने की कानून व्यवस्था को संभालने के लिए तेजतर्रार निरीक्षक पंकज मुदगल को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। एसपी ने नए टीआई को साफ निर्देश दिए हैं कि चंबल की रेत पर नजर डालने वाले माफियाओं पर सीधे राजसा (NSA) और जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाई की जाए।








