संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित,विद्यार्थियों ने सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को किया अभिव्यक्त

संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित,विद्यार्थियों ने सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को किया अभिव्यक्
कटनी- संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ के अंतर्गत पीएमसीओई शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संत रविदास जी के जीवन, दर्शन, सामाजिक समरसता, समानता एवं मानवतावादी विचारों से परिचित कराना तथा वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में उनकी प्रासंगिकता को समझने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार वाजपेई ने कहा कि संत रविदास जी के विचार आज भी समाज को समानता, बंधुत्व और मानवता का संदेश देते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना एवं सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. विजय कुमार ने प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का जीवन और दर्शन सामाजिक समरसता, समानता एवं मानवीय गरिमा का संदेश देता है। उनकी वाणी समाज को जाति और भेदभाव जैसी संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सुनील कुमार सिंह ने किया, जबकि संचालन श्री अमित कुमार ने किया। आभार प्रदर्शन श्री योगेंद्र सोनी ने किया। उन्होंने कहा कि भाषण प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में विचारों को तार्किक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का कौशल विकसित करती हैं।
प्रतियोगिता में करण चौधरी, महक निषाद, दुर्गा बर्मन, अमित साहू, ऋचा श्रीवास्तव, सत्यम, अभिनव पांडेय, आभा कोरी एवं सान्या कोरी ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने संत रविदास जी के जीवन-दर्शन, सामाजिक समरसता, समानता तथा उनके विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए।
आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास एवं प्रभावशाली वक्तृत्व शैली के साथ संत रविदास जी के संदेशों को सामने रखा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।








