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Shri Ramlala श्री रामलला विग्रह की फोटो वायरल होने से खुश नहीं मूर्तिकार की पत्नी विजेता योगीराज, कहा-भगवान का मूल स्वरूप आना बाकी

Shri Ramlala भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले विग्रह की फोटो वायरल होने पर मूर्तिकार अरुण योगीराज की पत्नी विजेता योगीराज ने निराशा जताते हुए कहा कि विग्रह की जो फोटो वायरल हुई वह पूर्ण नहीं बल्कि निर्माणाधीन विग्रह की तस्वीर है जिसे वायरल नहीं होना था। थोड़ा दुखी हैं फिर भी लोगों का स्नेह देखकर संतोष है। उन्होंने कहा कि विग्रह तस्वीर से कहीं ज्यादा भव्य दिव्य रूप में समाहित है। मूर्तिकार अरुण योगीराज की पत्नी का कहना है कि रामलला की मूर्ति की पूर्ण तस्वीर अभी तक सामने नहीं आई हैं।

बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा से पहले गुरुवार शाम पूरे विधि-विधान से श्रीरामलला के विग्रह को नवनिर्मित भव्य मंदिर के गर्भगृह में विराजमान कर दिया गया. इसके बाद गुरुवार को ही रामलला की गर्भगृह से पहली तस्वीर सामने आ गई है. तस्वीर सामने आने के बाद ही सोशल मीडिया पर वायरल है. तस्वीर में रामलला गर्भगृह में बालस्वरूप में नजर आ रहे हैं।

श्रीराम की नगरी अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है और गर्भगृह में रामलला की मूर्ति स्थापित की जा चुकी है। शुक्रवार को रामलला की मूर्ति की पहली झलक भी सामने आई। इस मूर्ति को कर्नाटक के रहने वाले अरुण योगीराज ने बनाई है।

मूर्तिकार अरुण योगीराज कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले हैं। उनकी कई पीढियां इसी काम से जुड़े हुए हैं। उनके पिता योगीराज शिल्पी एक बेहतरीन मूर्तिकार हैं और उनके दादा बसवन्ना शिल्पी ने वाडियार घराने महलों में अपनी कला दिखाई थी। अरुण मूर्तिकार का मैसूर राजा के कलाकारों के परिवार से संबंध है।

दादा की भविष्यवाणी हुई सच

शुरुआत में अरुण योगीराज अपने पिता और दादा की तरह मूर्तिकार नहीं बनना चाहते थे और उन्होंने 2008 में मैसूर यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई करने के बाद एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी की। हालांकि, उनके दादा ने कहा था कि अरुण एक मूर्तिकार ही बनेगा और अंत में वही हुआ। अरुण एक मूर्तिकार बने

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम