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SHG Success Story India: स्व-सहायता समूह से जुड़कर किसान की पत्नी बनी सफल उद्यमी; कटनी की रुचि सेंगर अब हर माह कमा रही हैं ₹20,000, देखें प्रेरणादायक सफर

SHG Success Story India: स्व-सहायता समूह से जुड़कर किसान की पत्नी बनी सफल उद्यमी; कटनी की रुचि सेंगर अब हर माह कमा रही हैं ₹20,000, देखें प्रेरणादायक सफर

SHG Success Story India: स्व-सहायता समूह से जुड़कर किसान की पत्नी बनी सफल उद्यमी; कटनी की रुचि सेंगर अब हर माह कमा रही हैं ₹20,000, देखें प्रेरणादायक सफर

कटनी : कहते हैं, अगर मन में मजबूत इरादे हों और सही अवसर मिले, तो हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। यह साबित कर दिखाया है कटनी जिले के विकासखंड बड़वारा के ग्राम बिजौरी की रहने वाली 37 वर्षीय रुचि सिंह सेंगर (Ruchi Singh Sengar) ने। आर्थिक तंगी से घिरे एक साधारण किसान परिवार से आने वाली रुचि ने महिला स्व-सहायता समूह (SHG) की मदद से न केवल अपने परिवार की किस्मत बदली, बल्कि आज वह एक सफल उद्यमी के रूप में आत्मनिर्भर भारत की एक जीती-जागती मिसाल बन गई हैं।

स्नातक शिक्षित रुचि अब हर माह 15 से 20 हजार रूपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं।

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 संघर्ष: सीमित खेती और दूसरों पर निर्भरता

रुचि का जीवन शुरुआत में काफी संघर्षपूर्ण था। परिवार में पति अमर सिंह सेंगर, सास और ससुर के साथ रहते हुए, घर का पूरा खर्च खेती की सीमित कमाई पर निर्भर था। सीमित आय के कारण घर की जरूरतों को पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती थी। रुचि के पास डिग्री तो थी, लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन के अभाव में वह चाहकर भी कुछ नया नहीं कर पा रही थीं। अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना उनकी सबसे बड़ी कमजोरी थी।

मोड़: “राधे कृष्ण समूह” की स्थापना और पहला ऋण

रुचि के जीवन में नया अध्याय तब शुरू हुआ जब उन्होंने जनपद पंचायत के माध्यम से महिलाओं के स्व-सहायता समूहों के बारे में सुना। आत्मनिर्भर बनने के जज्बे के साथ, उन्होंने गाँव की 10 अन्य महिलाओं को एकजुट किया और “राधे कृष्ण स्व सहायता समूह” (Radhe Krishna SHG) की नींव रखी। SHG Success Story India: स्व-सहायता समूह से जुड़कर किसान की पत्नी बनी सफल उद्यमी; कटनी की रुचि सेंगर अब हर माह कमा रही हैं ₹20,000, देखें प्रेरणादायक सफर

 उद्यम: खेती में तकनीक और ट्रैक्टर एजेंसी की नींव

समूह से मिलने वाले समर्थन और मार्गदर्शन से रुचि और उनके पति अमर सिंह ने अपनी खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाया, जिससे उनकी कृषि आय में सुधार हुआ। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के बाद, उन्होंने कुछ बड़ा करने का सोचा।

 परिणाम: आत्मनिर्भर रुचि बनीं गाँवों के लिए प्रेरणा

आज, रुचि सिंह सेंगर एक स्थापित उद्यमी हैं। उनकी ट्रैक्टर एजेंसी न केवल फल-फूल रही है, बल्कि इसने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।

रुचि की कहानी कटनी और आसपास के गाँवों की हजारों महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर एक सही फैसला सही समय पर लिया जाए, तो पूरी जिंदगी बदली जा सकती है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना ऐसे ही छोटे-छोटे लेकिन साहसी कदमों से सच हो रहा है।

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