Sharad Purnima 2021: शरद पूर्णिमा आज, बड़ी झील में मां गौरा संग नौका विहार करेंगे बाबा बटेश्वर
Sharad Purnima 2021: भोपाल । आज शरद पूर्णिमा है। घर-घर में श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से शरद पूर्णिमा का व्रत कर रहे हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रदेव 16 कलाओं से पूर्ण होकर अमृत की वर्षा करते हैं। आज शहर में श्री बड़वाले महादेव मंदिर समिति के तत्वावाधान में परंपरागत शरद पूर्णिमा महोत्सव पूरे श्रद्धाभाव से मनाया जाएगा। मंदिर समिति के संजय अग्रवाल एवं प्रमोद नेमा ने बताया कि शाम सात बजे बटेश्वर महादेव का चलित स्वरूप लेकर मां भवानी मंदिर सोमवार पहुंचेंगे।
यहां भवानी मंदिर समिति के अध्यक्ष रमेश सैनी मां गौरा की चलित प्रतिमा बाबा बटेश्वर के साथ विदा कर शीतल दास की बगिया लेकर पहुंचेंगे। रात नौ बजे फूल एवं विद्युत की जगमगाती रोशनी से सजी हुई नाव में भगवान को विराजित कर उनकी आरती की जाएगी। भजन संध्या के साथ बड़े तालाब में भगवान का नौका-विहार होगा। तत्पश्चात महा आरती के बाद खीर का प्रसाद बांटा जाएगा।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर श्री हिन्दू उत्सव समिति द्वारा आज शाम को चल समारोह निकाला जाएगा। समिति के अध्यक्ष कैलाश बेगवानी ने बताया कि परम्परागत चल समारोह शाम छह बजे राधाकृष्ण मंदिर घोड़ नक्कास से शुरू होगा। जो छोटे भैया कार्नर, जनकपुरी, भवानी चौक होते हुए नौबजे शीतलदास की बगिया पहुंचेगा। यहां फूलों और रोशनी से सजी नौका में श्रीकृष्ण को नौका विहार कराया जाएगा।
इसके बाद खीर का वितरण किया जाएगा। गौरतलब है कि आज के दिन चावल की खीर खाने का विशेष महत्व होता है। शहर के विभिन्न मंदिरों में आज खीर का वितरण किया जाएगा। इसके लिए सुबह से मंदिरों में तैयारियां चल रही हैं। मान्यता है कि आज की चांदनी रात में आसमान से अमृत बरसता है और खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने से उसमें अमृतत्व घुल जाता है। इस खीर को खाने से उन जातकों का चंद्रमा मजबूत होता है, जिनका कमजोर है।

