Satna Rain & Railway News: शरभंग नदी के उफान से मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर थमी ट्रेनों की रफ्तार; सतना-चित्रकूट में भारी बारिश, ट्रैक पर पानी भरने से 11 से अधिक ट्रेनें प्रभावित
Satna Rain & Railway News: शरभंग नदी के उफान से मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर थमी ट्रेनों की रफ्तार; सतना-चित्रकूट में भारी बारिश, ट्रैक पर पानी भरने से 11 से अधिक ट्रेनें प्रभावित
सतना/चित्रकूट। सतना और चित्रकूट जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण उफान पर आई शरभंग नदी ने शनिवार को मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर रेल यातायात की रफ्तार रोक दी। चितहरा स्टेशन से खुटहा स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने और तेज बहाव की स्थिति के कारण सुरक्षा के लिहाज से रेल परिचालन को रोकना पड़ा।
4 घंटे बंद रहा परिचालन, 10 किमी/घंटे की रफ्तार से निकाली गईं ट्रेनें
ट्रैक पर पानी का तेज बहाव देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया और करीब 4 घंटे तक इस रेलखंड पर परिचालन पूरी तरह प्रभावित रहा।
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कॉशन ऑर्डर जारी: पानी का स्तर कुछ कम होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही दोबारा शुरू कराई गई, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों को महज 10 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी गति (कॉशन ऑर्डर) से गुजारा जा रहा है।
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स्टेशनों पर रुकी रहीं ट्रेनें: सुरक्षा के मद्देनजर कई प्रमुख ट्रेनों को सगमा, जैतवारा और मझगवां स्टेशनों पर रोककर रखा गया। स्थिति पर नजर रखने के लिए सतना से जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) का अतिरिक्त बल मौके पर तैनात किया गया है।
ये ट्रेनें हुईं प्रभावित (11 महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल)
मझगवां-चितहरा रेलखंड पर पानी भरने के कारण कई सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित हुईं। प्रभावित प्रमुख ट्रेनें इस प्रकार हैं:
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12428 रीवा एक्सप्रेस
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13201 राजेंद्रनगर – लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस
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15017 काशी एक्सप्रेस
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11061 लोकमान्य तिलक – जयनगर एक्सप्रेस
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11015 लोकमान्य तिलक – सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस
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11274 प्रयागराज छिवकी – इटारसी एक्सप्रेस
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15160 सारनाथ एक्सप्रेस
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इसके अलावा गोदान एक्सप्रेस और ट्रेन नंबर 19496, 11103, 09344, 22687 भी इस जलभराव के कारण लेट हुईं।
यात्रियों को उठानी पड़ी भारी परेशानी
अचानक ट्रेनों के पहिए थमने से मुंबई, जबलपुर, सतना, मानिकपुर और प्रयागराज की ओर यात्रा कर रहे हजारों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यात्रियों को घंटों तक ट्रेनों के भीतर और स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक ट्रैक की लगातार निगरानी की जा रही है।








