HealthFEATUREDफिटनेस फंडाराष्ट्रीय

डिलीवरी के बाद महिलाओं में बढ़ता बीमारियों का खतरा, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

डिलीवरी के बाद महिलाओं में बढ़ता बीमारियों का खतरा, जानें लक्षण और बचाव के तरीके। प्रेगनेंसी और डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जो कई बार स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस दौरान शरीर पूरी तरह रिकवर नहीं होता, जिससे कुछ बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है।

डिलीवरी के बाद महिलाओं में बढ़ता बीमारियों का खतरा, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

पोस्टपार्टम थायराइड की समस्या

डिलीवरी के बाद महिलाओं में थायराइड की समस्या (पोस्टपार्टम थायराइड) का खतरा बढ़ सकता है। इसमें थकान, मूड स्विंग, वजन में उतार-चढ़ाव जैसी दिक्कतें देखी जाती हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि डिलीवरी के 3 महीने के भीतर थायराइड टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

पीठ और जोड़ों का दर्द

गर्भावस्था के दौरान बढ़े वजन और शरीर की मुद्रा में बदलाव का असर डिलीवरी के बाद भी रहता है। बच्चे को उठाने, स्तनपान की गलत पोजिशन और नींद की कमी से पीठ और घुटनों में दर्द बढ़ सकता है। कई महिलाओं में यूरिन कंट्रोल की समस्या भी देखी जाती है, जिसका कारण पेल्विक मसल्स का कमजोर होना होता है।

पोस्टपार्टम डिप्रेशन

डिलीवरी के बाद मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। कई महिलाओं में पोस्टपार्टम डिप्रेशन देखा जाता है, जिसमें घबराहट, चिंता, चिड़चिड़ापन और उदासी जैसी समस्याएं शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सही देखभाल और सपोर्ट की कमी भी इसका बड़ा कारण हो सकती है।

 डायबिटीज का खतरा

प्रेगनेंसी के बाद भी कुछ महिलाओं में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम रहता है। खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान और बढ़ते वजन के कारण यह समस्या बढ़ सकती है। इसलिए डिलीवरी के बाद हेल्दी डाइट और नियमित जांच जरूरी है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

  • लगातार शरीर में दर्द
  • हमेशा थकान महसूस होना
  • मूड में लगातार बदलाव
  • यूरिन कंट्रोल की समस्या

विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि