TechnologyFEATUREDTechअंतराष्ट्रीयसागर

Elon Musk Mega Deal: 25 वर्षीय भारतीय युवा अमन सांगर की AI कंपनी ‘कर्सर’ को ₹5 लाख करोड़ ($60$ अरब) में खरीदेगी स्पेसएक्स

Elon Musk Mega Deal: 25 वर्षीय भारतीय युवा अमन सांगर की AI कंपनी 'कर्सर' को ₹5 लाख करोड़ ($60$ अरब) में खरीदेगी स्पेसएक्स

Elon Musk Mega Deal: 25 वर्षीय भारतीय युवा अमन सांगर की AI कंपनी ‘कर्सर’ को ₹5 लाख करोड़ ($60$ अरब) में खरीदेगी स्पेसएक्स

सिलिकन: दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन और स्पेसएक्स (SpaceX) के मालिक एलन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अब तक की सबसे बड़ी महा-डील को अंजाम दे दिया है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भारतीय मूल के महज 25 साल के युवा उद्यमी अमन सांगर (Aman Sanger) की एआई स्टार्टअप कंपनी ‘कर्सर’ (Cursor) का अधिग्रहण करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

यह सौदा 60 अरब डॉलर (करीब 5 लाख करोड़ रुपये) के ऑल-स्टॉक ट्रांसफर के जरिए होने जा रहा है। इसे वेंचर कैपिटल समर्थित स्टार्टअप्स के पूरे इतिहास के सबसे बड़े और ऐतिहासिक सौदों में से एक माना जा रहा है। इस महा-डील के बाद वैश्विक एआई मार्केट में स्पेसएक्स की ताकत कई गुना बढ़ने वाली है।

MIT के लड़कों ने किया कमाल; एक साल में बने अरबपति

सिलिकन वैली (अमेरिका) में तहलका मचाने वाले इस एआई कोडिंग असिस्टेंट ‘कर्सर’ की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है: Elon Musk Mega Deal: 25 वर्षीय भारतीय युवा अमन सांगर की AI कंपनी ‘कर्सर’ को ₹5 लाख करोड़ ($60$ अरब) में खरीदेगी स्पेसएक्स

  • फाउंडर्स की टीम: इस जादुई एआई टूल की स्थापना भारतीय मूल के अमन सांगर के साथ उनके साथी माइकल ट्रुएल, सुआलेह आसिफ और आर्विड लुनेमार्क ने मिलकर की थी। ये सभी दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के ग्रेजुएट्स हैं।

  • कमाई का रिकॉर्ड: कर्सर की पैरेंट फर्म ‘एनीस्फीयर’ (Anysphere) ने पिछले साल ही लगभग 30 अरब डॉलर का मूल्यांकन (Valuation) हासिल किया था, जिसने इन युवा फाउंडर्स को रातों-रात अरबपतियों की एलीट लिस्ट में शामिल कर दिया। वर्तमान में यह कंपनी 2.6 अरब डॉलर का सालाना B2B रेवेन्यू जनरेट कर रही है, जो इसे दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला एआई सॉफ्टवेयर स्टार्टअप बनाता है।

  • दिग्गजों ने लगाया था पैसा: मस्क की नजर पड़ने से पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों जैसे— एनवीडिया (Nvidia), गूगल (Google), एक्सेल, थ्राइव कैपिटल और आंद्रेसेन होरोविट्ज ने इस स्टार्टअप में कुल 3.3 अरब डॉलर का निवेश कर रखा था।

माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई (OpenAI) को सीधी चुनौती

60 अरब डॉलर की इस महा-डील के जरिए एलन मस्क अब सीधे तौर पर एआई कोडिंग टूल्स के क्षेत्र में एकाधिकार रखने वाली कंपनियों को पछाड़ने की तैयारी में हैं:

  • यूजर बेस: ‘कर्सर’ के पास वर्तमान में 10 लाख डेली एक्टिव यूजर्स और 3.6 लाख पेड सब्सक्राइबर्स हैं। ब्रिटिश एयरवेज, बीपी, नोकिया और सनोफी जैसी दुनिया की दिग्गज फॉर्च्यून-500 कंपनियां इसकी क्लाइंट हैं।

  • मस्क की रणनीति: कर्सर का सीधा मुकाबला माइक्रोसॉफ्ट के ‘गिटहब कोपायलट’ (GitHub Copilot) और सैम ऑल्टमैन की ‘ओपनएआई’ से है। कर्सर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक ‘मॉडल एग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म’ है, यानी इसके ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग एआई सिस्टम का चुनाव कर कोडिंग कर सकते हैं। इस अधिग्रहण के बाद मस्क की स्पेसएक्स सीधे तौर पर ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसे दिग्गजों को घुटने पर लाने की स्थिति में आ गई है।

Back to top button