Railway Vacancy: रेलवे में 7,220 पदों पर गेटमैन बनेंगे पूर्व सैनिक, परीक्षा की टेंशन नहीं; सीधे मिलेगी नौकरी
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने देश भर के विभिन्न रेलवे जोन में खाली पड़े गेटमैन (Gateman) के पदों को भरने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। रेलवे बोर्ड से मिली हरी झंडी के बाद, अब इंजीनियरिंग विभाग के अंतर्गत कांट्रैक्ट (अनुबंध) के आधार पर कुल 7,220 पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) की तैनाती की जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश भर के रेलवे फाटकों के संचालन को अधिक सुरक्षित, अनुशासित और सुचारू बनाना है।
पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के जरिए होगी सीधी भर्ती
यह भर्तियां किसी निजी एजेंसी के बजाय सीधे केंद्र और राज्य सरकारों के ‘पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड’ के माध्यम से की जाएंगी।
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सुरक्षा होगी अचूक: सेना से सेवानिवृत्त (Retired) जवानों के आने से रेलवे फाटकों का संचालन अत्यधिक मुस्तैदी और पूरी सुरक्षा के साथ हो सकेगा।
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मिलेगा रोजगार का मौका: उत्तर रेलवे के सीपीआरओ (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस फैसले से जहां एक ओर देश की सेवा कर चुके वीर जवानों को दोबारा मुख्यधारा में काम करने और रोजगार का बेहतरीन मौका मिलेगा, वहीं दूसरी ओर भारतीय रेल का ऑपरेशनल सिस्टम और मजबूत होगा। Railway Vacancy: रेलवे में 7,220 पदों पर गेटमैन बनेंगे पूर्व सैनिक, परीक्षा की टेंशन नहीं; सीधे मिलेगी नौकरी
क्यों खास है रेलवे का यह फैसला?
अक्सर देखा जाता है कि रेलवे फाटकों (Level Crossings) पर जरा सी लापरवाही के कारण बड़े हादसे हो जाते हैं। भारतीय सेना से निकले जवान अपनी अनुशासनप्रियता और समय के पाबंद होने के लिए जाने जाते हैं। रेलवे का मानना है कि इन जवानों की तैनाती के बाद फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी और ट्रेनों की आवाजाही भी समय पर हो सकेगी।
इसके साथ ही, रेलवे में लंबे समय से खाली चल रहे इन पदों के भरने से मौजूदा रेल स्टाफ पर से काम का अतिरिक्त दबाव भी कम होगा।








