Tuesday, May 12, 2026
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पेट्रोल-डीजल पर लगा ‘कोटा’: एक व्यक्ति को मिलेगा अधिकतम 50 लीटर ईंधन; मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सप्लाई क्राइसिस की आहट, व्हाट्सएप पर पहुंचे निर्देश

पेट्रोल-डीजल पर लगा ‘कोटा’: एक व्यक्ति को मिलेगा अधिकतम 50 लीटर ईंधन; मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सप्लाई क्राइसिस की आहट, व्हाट्सएप पर पहुंचे निर्देश।   देश में ईंधन की आपूर्ति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनावपूर्ण हालातों के कारण कच्चे तेल की आवक प्रभावित हुई है, जिसके चलते पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को ईंधन का वितरण सीमित (Rationing) करने के मौखिक निर्देश दिए हैं।

पेट्रोल-डीजल पर लगा ‘कोटा’: एक व्यक्ति को मिलेगा अधिकतम 50 लीटर ईंधन; मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सप्लाई क्राइसिस की आहट, व्हाट्सएप पर पहुंचे निर्देश

क्या है नया नियम? (ईंधन की सीमा)

पंप संचालकों को मिले संदेशों के अनुसार, अब कोई भी वाहन स्वामी मनचाहा तेल नहीं भरवा सकेगा। इसके लिए नई सीमाएं तय की गई हैं:

  • पेट्रोल: एक व्यक्ति को एक दिन में अधिकतम 50 लीटर पेट्रोल ही दिया जाएगा।

  • डीजल: भारी वाहनों या डीजल गाड़ियों के लिए अधिकतम सीमा 250 लीटर प्रति दिन तय की गई है।

व्हाट्सएप पर आ रहे ‘मौखिक’ निर्देश

हैरानी की बात यह है कि पेट्रोलियम कंपनियों ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं किया है। पंप संचालकों के अनुसार, उन्हें व्हाट्सएप मैसेज और फोन कॉल के जरिए ये निर्देश दिए जा रहे हैं कि स्टॉक को बचाकर रखें और उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में ही वितरण करें।

क्यों गहराया संकट?

  1. मिडिल ईस्ट तनाव: खाड़ी देशों में जारी अस्थिरता के कारण समुद्री रास्तों से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है।

  2. कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति में कमी ने कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।

  3. स्टॉक मैनेजमेंट: कंपनियां भविष्य में होने वाली भारी किल्लत से बचने के लिए अभी से ‘बफर स्टॉक’ बनाने की रणनीति पर काम कर रही हैं।

जनता में मची अफरातफरी

जैसे ही पेट्रोल-डीजल की सीमा तय होने की खबरें सोशल मीडिया पर फैलीं, कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग आने वाले दिनों में और अधिक सख्ती या किल्लत की आशंका में गाड़ियों की टंकियां फुल कराने में जुटे हैं। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है, यह केवल एहतियाती कदम है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि