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Q-Commerce Revolution: 10 मिनट की डिलीवरी ने बदला भारतीय बाजार; डाबर, ब्रिटानिया जैसी FMCG कंपनियों की 75% ऑनलाइन बिक्री अब क्विक कॉमर्स से

Q-Commerce Revolution: 10 मिनट की डिलीवरी ने बदला भारतीय बाजार; डाबर, ब्रिटानिया जैसी FMCG कंपनियों की 75% ऑनलाइन बिक्री अब क्विक कॉमर्स से

Q-Commerce Revolution: 10 मिनट की डिलीवरी ने बदला भारतीय बाजार; डाबर, ब्रिटानिया जैसी FMCG कंपनियों की 75% ऑनलाइन बिक्री अब क्विक कॉमर्स से

Q-Commerce Revolution: 10 मिनट की डिलीवरी ने बदला भारतीय बाजार; डाबर, ब्रिटानिया जैसी FMCG कंपनियों की 75% ऑनलाइन बिक्री अब क्विक कॉमर्स से

नई दिल्ली: भारत में ब्लिंकिट (Blinkit), जेप्टो (Zepto) और स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि ये अब देश की टॉप फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कंपनियों के लिए ऑनलाइन सेल्स का सबसे बड़ा जरिया बन चुके हैं। डाबर इंडिया (Dabar India) और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज (Britannia Industries) जैसी दिग्गज कंपनियां अब अपनी कुल डिजिटल सेल्स का 75 फीसदी तक हिस्सा महज 10 मिनट में डिलीवरी देने वाले इन प्लेटफॉर्म्स से हासिल कर रही हैं।

इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार, क्विक कॉमर्स ग्राहकों की आदतों को इस कदर बदल रहा है कि इसने पारंपरिक ई-कॉमर्स (Amazon, Flipkart), मॉडर्न रिटेल ट्रेड और स्थानीय किराना स्टोरों की हिस्सेदारी पर कब्जा करना शुरू कर दिया है।

वित्त वर्ष 2026 में एफएमसीजी कंपनियों का ‘डिजिटल रिपोर्ट कार्ड’

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 (FY26) में क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए एक ‘ग्रोथ इंजन’ साबित हुआ है। कंपनियों की कुल ऑनलाइन बिक्री में क्विक कॉमर्स का योगदान कुछ इस प्रकार रहा:

क्यों आ रहा है यह ऐतिहासिक बदलाव?

बिस्किट बनाने वाली दिग्गज कंपनी पारले प्रोडक्ट्स के वाइस-प्रेसिडेंट मयंक शाह के अनुसार, ग्राहकों के लिए सुविधा (Convenience) और तुरंत सामान दोबारा मंगाने (Instant Replenishment) की बढ़ती मांग के कारण यह सेक्टर रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहा है। यही वजह है कि बिगबास्केट, अमेजन, फ्लिपकार्ट और रिलायंस रिटेल जैसी बड़ी कंपनियां भी अब इस रेस में कूद चुकी हैं।

इसके अलावा, कंज्यूमर सेक्टर की कंसल्टेंसी कंपनी ‘थर्ड आईसाइट’ के फाउंडर और सीईओ देवांग्शु दत्ता बताते हैं:

“भारतीय ग्राहकों में पहले से ही पूरे हफ्ते में बार-बार थोड़ा-थोड़ा किराना सामान मंगाने की आदत थी। क्विक कॉमर्स ने इसी आदत को और आसान व डिजिटल बना दिया है।”

कंपनियों को मिल रहा है ‘प्रीमियम प्रोडक्ट्स’ बेचने का मौका

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विपिन कटारिया ने बताया कि पारंपरिक ई-कॉमर्स पर उनका ध्यान केवल रोजमर्रा की जरूरी चीजों (Staples) पर होता था, लेकिन क्विक कॉमर्स (Q-Commerce) ने खेल बदल दिया है।

सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए AI का इस्तेमाल

डाबर इंडिया के ग्लोबल सीईओ मोहित मल्होत्रा ने बताया कि क्विक कॉमर्स पर इस समय बेवरेजेस (पेय पदार्थ), फूड्स, पर्सनल केयर और होम केयर उत्पाद सबसे बेस्ट परफॉर्म कर रहे हैं।

वहीं, मैरिको (Marico) के एमडी सौगत गुप्ता का मानना है कि फूड्स कैटेगरी में तो क्विक कॉमर्स का ही राज रहेगा। पैराशूट और सफोला जैसे ब्रांड्स बनाने वाली कंपनी मैरिको ने इस ट्रेंड को भुनाने के लिए डिजिटलाइजेशन, ऑटोमेशन और एआई-बेस्ड फोरकास्टिंग (AI-based Forecasting) के जरिए अपनी क्विक कॉमर्स सप्लाई चेन को और एडवांस बनाना शुरू कर दिया है।

अब यह ट्रेंड केवल देश के टॉप 8-10 बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी कंपनियों के विस्तार के साथ यह तेजी से छोटे शहरों (Tier-2 & Tier-3) में भी पैर पसार रहा है।

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