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Pulse Stock की लिमिट तय, दाल की कालाबाजारी रोकने शिवराज सरकार का बड़ा फैसला

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भोपाल । कोरोना संकट के साथ महंगाई से जनता त्रस्त है ऐसे में मध्यप्रदेश की सरकार अब राज्य में महंगाई कंट्रोल करने की कवायद में जुटी है। 

मध्यप्रदेश में मुनाफाखोरों और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ शिवराज सरकार  सख्त है। दिन प्रतिदिन मुनाफाखोरी और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की नई तस्वीर पेश करती शिवराज सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। दरअसल बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने कालाबाजारी को रोकने के लिए दालों के स्टॉक  (pulse stock) तय कर दिए हैं।

दाल की कालाबाजारी रोकने के लिए शिवराज सरकार ने इसकी लिमिट तय कर दी है। थोक व्यापारी जहां दाल की स्टॉक  लिमिट 5000 क्विंटल तक रख सकेंगे। वहीं दुकानदार 50 क्विंटल तक सभी दालों का स्टॉक अपने पास रखेंगे। हालांकि शिवराज सरकार ने एक नियम यह भी रखे हैं कि थोक व्यापारी के पास स्टॉक लिमिट 5000 क्विंटल तो होनी चाहिए लेकिन एक किस्म की दाल 2000 क्विंटल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा फुटकर और थोक व्यापारी अपने जिले के फूड कंट्रोलर को हर 15 दिन में अपने स्टॉक की जानकारी देंगे। मामले में बीते दिनों हुई बैठक में जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति शाह ने थोक एवं फुटकर व्यापारियों की बैठक बुलाई थी। जिसमें यह निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि दालों की कालाबाजारी को रोकने की कोशिश में यह बड़े निर्णय तय किए गए हैं।

वही बैठक में जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति शाह नरवरिया ने कहा कि दाल की किस्म और गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। साथ में अपने 6 महीने के उत्पादन का स्टॉक हर व्यापारी को रखना होगा। जरूरत पड़ने पर इसकी जांच की जाएगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर सख्त कार्रवाई होगी।

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