एनकेजे थाना क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं से जनता में रोष, लालू ढाबे में मारपीट के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
एनकेजे थाना क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं से जनता में रोष, लालू ढाबे में मारपीट के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवा
कटनी। एनकेजे थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उन पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसके चलते आम जनता के बीच भय और असुरक्षा का माहौल निर्मित हो गया है।
क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि थाना क्षेत्र के कई गांवों और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से शराब एवं गांजा आसानी से उपलब्ध हो जाता है। लोगों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
इसी बीच रविवार की रात एनकेजे थाना क्षेत्र स्थित लालू ढाबा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ढाबे में कुछ लोगों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक विवाद में शामिल बताए जा रहे कुछ लोग वहां से जा चुके थे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उक्त ढाबे में लंबे समय से बिना वैध अनुमति शराब परोसने और पिलाने जैसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। रहवासियों का कहना है कि इसी कारण यहां अक्सर विवाद, झगड़े और मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। बावजूद इसके अब तक कोई ऐसी कार्रवाई दिखाई नहीं दी जिससे इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सके।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि लालू ढाबे में संचालित गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि कोई अवैध कार्य पाया जाता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन जांच के बाद क्या कदम उठाता है और कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब किस प्रकार देता है।