म.प्र. कांग्रेस में बड़ी सर्जरी की तैयारी: नवरात्र के बाद बदले जा सकते हैं 6 जिलाध्यक्ष; निष्क्रियता पर जयवर्धन, प्रियव्रत और मरकाम समेत दिग्गजों की जवाबदेही तय
भोपाल, yashbharat.com। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद अब प्रदेश कांग्रेस संगठन को नए सिरे से चुस्त-दुरुस्त करने और नेताओं की सीधी जवाबदेही तय करने की बड़ी कवायद शुरू हो गई है। कांग्रेस आलाकमान संगठन के कामकाज में अपेक्षित सक्रियता और कसावट न दिखाने वाले जिला अध्यक्षों पर गाज गिराने के मूड में है।
सूत्रों के मुताबिक, नवरात्र के ठीक बाद प्रदेश के कम से कम 6 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। संगठन में निष्क्रिय साबित हो रहे अध्यक्षों को हटाकर नए और ऊर्जावान नेताओं को कमान सौंपने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
संगठन सृजन’ के तहत पूर्व मंत्रियों को दी गई थी कमान
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत मध्य प्रदेश में 71 शहर और ग्रामीण संगठनात्मक जिला इकाइयों के अध्यक्ष नियुक्त किए थे।
पार्टी ने संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से पूर्व मंत्रियों और वर्तमान विधायकों तक को मैदान में उतारा था।
इनमें प्रियव्रत सिंह, जयवर्धन सिंह और ओमकार सिंह मरकाम जैसे कद्दावर पूर्व मंत्रियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें जिलाध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई थी।
सक्रियता न दिखाने पर छिनेगी कुर्सी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूर्व मंत्री या विधायक होने के बावजूद जिन नेताओं ने जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन को अपेक्षित समय और सक्रियता नहीं दी है, उन्हें अब इस पद से मुक्त किया जाएगा ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर सकें और संगठन का काम किसी पूर्णकालिक और सक्रिय कार्यकर्ता को सौंपा जा सके।











