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पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तानी आतंकियों की साजिश में स्थानीय मददगार, वर्दी में पहुंचाए गए थे मौके पर ; 16 अप्रैल को हुई थी नेवी ऑफिसर की शादी

पुलिस की वर्दी में आए थे आतंकी, पहलगाम हमले को अंजाम देने के लिए रची थी गहरी साजिश; 3 दिन पहले लश्कर-ए-तैयबा ने कहा था- जिहाद जारी रहेगा

पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तानी आतंकियों की साजिश में स्थानीय मददगार, वर्दी में पहुंचाए गए थे मौके पर ; 16 अप्रैल को हुई थी नेवी ऑफिसर की शादी।जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। पुलिस वर्दी में शामिल 2-3 स्थानीय सहयोगियों की मदद से पाकिस्तानी आतंकियों ने इस साजिश को अंजाम दिया। अमरनाथ यात्रा से पहले इस हमले को दहशत फैलाने की कोशिश माना जा रहा है, वहीं सुरक्षाबलों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

 पहलगाम हमलों के पीड़ितों ने बताया कि किस तरह आतंकी सुरक्षाबलों की वर्दी में आए थे और धर्म के नाम पर हत्या की गई। कानपुर निवासी शुभम अपनी पत्नी एशान्या के साथ बैसारन घाटी में थे।

पुलिस की वर्दी में आए थे आतंकी, पहलगाम हमले को अंजाम देने के लिए रची थी गहरी साजिश; 3 दिन पहले लश्कर-ए-तैयबा ने कहा था- जिहाद जारी रहेगा

 

एशान्या ने बताया कि अचानक पहाड़ी में छिपे करीब 12 से 15 आतंकवादी सामने आ जाते हैं। शुभम से सवाल करते हैं, मुसलमान हो या हिंदू? जवाब नहीं मिलने पर कलमा पढ़ने को कहते हैं। शुभम चुप रहे। इस पर आतंकियों ने बाल पकड़कर सीधे उनके सिर में गोली मार दी। अचानक हुई घटना से एशान्या सन्न रह जाती हैं।

गोलियां बरसाने के बाद आतंकवादियों ने कहा कि यहां से जाने के बाद ¨हिंदुस्तान की सरकार को बता देना कि आतंकवादियों ने गोलियां बरसाई हैं। पिता संजय फोन पर फफकते हुए बोले- सब कुछ बर्बाद हो गया। आतंकियों ने कायराना तरीके से हमला कर बेटे को हमेशा के लिए छीन लिया। इतना कहते ही संजय बिलखते हुए बोले, सब कुछ छिन गया। अब कुछ नहीं बता पाऊंगा।

 

आतंकी बोला- जाओ तुम्हें नहीं मारता, जाकर मोदी को बता देना 16 अप्रैल को हुई थी नेवी ऑफिसर की शादी

वहीं, आतंकी हमले में अपने पति को खोने वाली पल्लवी के मुताबिक, गोलियां चलाने वाले आतंकी ने कहा, जाओ तुम्हें नहीं मारता, जाकर मोदी को बता देना।

पल्लवी अपने पति रंजन और बेटे के साथ कुछ दिन पहले ही कश्मीर में छुट्टियां मनाने आई थी। पल्लवी ने कहा कि गोलियां बरसा रहे आतंकियों (जिनकी संख्या चार के करीब थी) से मैंने कहा कि अब मैं यहां क्या करूंगी, मुझे तो आपने जीते जी मार दिया है, मुझे भी मार दो। एक हमलावर ने कहा कि जाओ तुम्हें जिंदा छोड़ा, जाकर मोदी को बता देना।

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