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घर की तलाशी के बहाने 50 हजार नगद व सोने चांदी के जेवर ले गई पुलिस, करहियाकला निवासी परिवार ने एसपी को शिकायत देकर झिंझरी चौकी प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप

कटनी(YASHBHARAT.COM)। माधवनगर थाना क्षेत्र की झिंझरी पुलिस चौकी के प्रभारी व चौकी में पदस्थ अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने, घर की तलाशी के दौरान 50 हजार नगद व सोने-चांदी के जेवरात ले जाने तथा झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम करहियाकला निवासी पीडि़त आशीष कुमार रजक ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर चौकी प्रभारी सहित अन्य पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। पीडि़त का दावा है कि उसके पास पुलिसकर्मियों की कारगुजारियों के पुख्ता वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर मौजूद हैं। पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र की प्रति मीडिया को उपलब्ध कराते हुए ग्राम करहिया कला निवासी आशीष कुमार रजक ने आरोप लगाया है कि झिंझरी चौकी प्रभारी राजेश दुबे व अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया है। इसके बाद मेरे ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर पुलिसकर्मी मेरे घर पहुंचे और घर की तलाशी जांच के दौरान मेरे घर से सोना-चांदी के आभूषण एवं 50,000 रूपए नगद अपने साथ ले गए। मेरे मोबाइल फोन को भी यह कहते हुए ले लिया गया कि वह चोरी का है जबकि उक्त मोबाइल मेरे पास वैध रूप से खरीदा हुआ है और मोबाइल का बिल भी मेरे पास उपलब्ध है। आशीष का यह भी आरोप है कि उसके साथ दबाव बनाकर उसे पुल के पास ले जाया गया तथा मेरे हाथ में चाकू देकर मेरा वीडियो बनवाया गया और मुझे धमकी दी जा रही है कि उसके ऊपर झूठा मामला दर्ज कर परेशान किया जाएगा। इस घटना के समय दो अन्य पुलिसकर्मी भी साथ में मौजूद थे। मुझे आशंका है कि मेरे विरुद्ध झूठी कार्रवाई कर मुझे फंसाया जा रहा है तथा मेरे घर से ले जाए गए सामान एवं नगद राशि को भी वापस नहीं किया जा रहा है। आशीष का कहना है कि उसके पास घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग तथा चौकी प्रभारी राजेश दुबे द्वारा की गई कॉल की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है। आशीष ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए झिंझरी पुलिस चौकी प्रभारी राजेश दुबे व घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
सिवनी में लगे थे जुआ खिलाने के आरोप
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि उपनिरीक्षक राजेश दुबे कटनी से पहले सिवनी में पदस्थ रहे हैं। वहां भी इन पर जुआरियों को संरक्षण देने के आरोप लगे थे और आरोपों को गंभीरता से लेकर उन्हे लाइन अटैच भी किया गया था।

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