FEATUREDLatestराष्ट्रीय

NSA अजीत डोभाल ‘लोकमान्य तिलक पुरस्कार’ से सम्मानित; अमित शाह बोले- इंडियन मुजाहिदीन की टिप ने सुलझाई थी 13 बम धमाकों की गुत्थी

Doval Award: पुणे में NSA अजीत डोभाल सम्मानित; अमित शाह बोले- वह 'सच्चे देशभक्त', Modi Gov के बड़े सुरक्षा फैसलों में अहम भूमिका

NSA अजीत डोभाल ‘लोकमान्य तिलक पुरस्कार’ से सम्मानित; अमित शाह बोले- इंडियन मुजाहिदीन की टिप ने सुलझाई थी 13 बम धमाकों की गुत्थी

पुणे: पुणे की ऐतिहासिक धरती पर आज भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक पुरस्कार (Lokmanya Tilak Award) से सम्मानित किया गया। तिलक स्मारक ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

अपने संबोधन में गृह मंत्री अमित शाह ने डोभाल की जमकर सराहना की और उन्हें एक “सच्चा और जन्मजात देशभक्त” बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और मोदी सरकार के बड़े रणनीतिक फैसलों में डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

इंडियन मुजाहिदीन की वह ‘टिप’ जिसने देश को सीरियल धमाकों से बचाया- अमित शाह

अमित शाह ने अजीत डोभाल से जुड़े एक बड़े और अनसुने रणनीतिक राज से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि किस तरह डोभाल की एक सटीक जानकारी ने देश में आतंक के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया:

“अजीत डोवाल जी ने इंडियन मुजाहिदीन (Indian Mujahideen) के 13 बम धमाकों की जांच से जुड़ी एक बहुत अहम टिप मुझे दी थी। उस एक टिप के बाद गुजरात पुलिस ने देशभर में हुए सीरियल बम धमाकों की गुत्थी को सुलझा लिया था।” — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

 Modi Government की ‘सुरक्षात्मक और आक्रामक’ क्षमता में डोभाल का योगदान

गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और अजीत डोभाल को NSA नियुक्त किया गया, तब विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में राष्ट्रीय सुरक्षा पर हुए मंथन और निष्कर्षों को जमीन पर उतारने का काम शुरू हुआ। NSA अजीत डोभाल ‘लोकमान्य तिलक पुरस्कार’ से सम्मानित; अमित शाह बोले- इंडियन मुजाहिदीन की टिप ने सुलझाई थी 13 बम धमाकों की गुत्थी

  • सबसे लंबे समय तक रहने वाले NSA: शाह ने कहा कि अजीत डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के पद पर रहने वाले व्यक्ति हैं।

  • रणनीतिक सलाह का महत्व: प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पिछले बारह वर्षों में जो भी बड़े फैसले लिए गए, उनकी रक्षा व्यवस्था की सुरक्षात्मक और आक्रामक क्षमता में व्यापक परिवर्तन के पीछे डोभाल के लंबे अनुभव और रणनीतिक सलाह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

  • आधुनिकीकरण: डोभाल ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और सेना में तकनीक व पराक्रम के बेहतर समन्वय में अहम भूमिका निभाई है।

तिलक स्मारक ट्रस्ट की पसंद पर गृह मंत्री की मुहर

अमित शाह ने कहा कि जब तिलक स्मारक ट्रस्ट की चयन समिति ने उन्हें लोकमान्य तिलक पुरस्कार के लिए अजीत डोभाल के चयन की जानकारी दी और कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया, तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस सम्मान समारोह में उपस्थित होकर अजीत डोभाल जी को यह पुरस्कार प्रदान करते हुए बेहद प्रसन्नता हुई है। उन्होंने डोभाल की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की ताकि वे लंबे समय तक देश की सुरक्षा के लिए योगदान देते रहें। 

Back to top button