“फाइल नहीं, सिर्फ ऑनलाइन रिपोर्ट चाहिए”: नए कलेक्टर का सख्त फरमान, फाइल सिस्टम खत्म; 15 दिन की डेडलाइन से अफसरों में हड़कंप
“फाइल नहीं, सिर्फ ऑनलाइन रिपोर्ट चाहिए”: नए कलेक्टर का सख्त फरमान, फाइल सिस्टम खत्म; 15 दिन की डेडलाइन से अफसरों में हड़कंप। राजधानी में प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के संकेत देते हुए नए कलेक्टर Priyank Mishra ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कर दिया कि अब काम करने का तरीका पूरी तरह डिजिटल होगा और पुरानी फाइल संस्कृति खत्म की जाएगी।
“फाइल नहीं, सिर्फ ऑनलाइन रिपोर्ट चाहिए”: नए कलेक्टर का सख्त फरमान, फाइल सिस्टम खत्म; 15 दिन की डेडलाइन से अफसरों में हड़कंप
“फाइल नहीं, सिर्फ ऑनलाइन रिपोर्ट चाहिए”
कलेक्टर ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी:
- अब कोई भी जांच रिपोर्ट कागजों या फाइलों में स्वीकार नहीं होगी
- सभी रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर ही अपलोड करनी होंगी
- किसी भी कर्मचारी को पुरानी फाइल लेकर आने की इजाजत नहीं होगी इसके लिए सभी विभागों को 15 दिन की मोहलत दी गई है।
किन मामलों की जांच होगी ऑनलाइन?
कलेक्टर ने खास तौर पर इन मामलों को प्राथमिकता दी है:
- गैस एजेंसियों में गड़बड़ी
- उपार्जन केंद्रों पर तुलाई में गड़बड़ी
- बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में अवैध कब्जे
इन सभी जांचों को जल्द से जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
अफसरों के काम में बड़ा फेरबदल
प्रशासन को चुस्त बनाने के लिए कलेक्टर ने जिम्मेदारियों में भी बदलाव कर दिया है:
- Prakash Nayak से कुछ अहम विभाग हटाए गए
- ये जिम्मेदारियां अब Sumit Kumar Pandey को सौंपी गई हैं
सूत्रों के अनुसार, यह सिर्फ शुरुआत है—आने वाले दिनों में कई SDM के प्रभार भी बदले जा सकते हैं।
जनता से सीधा संवाद
बैठक के बाद कलेक्टर ने आम लोगों से मुलाकात की।
शहरभर से आए लोग जमीन विवाद, पारिवारिक झगड़े और अन्य समस्याएं लेकर पहुंचे।
👉 मौके पर ही कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए:
- सभी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो
- लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें
नए कलेक्टर का यह सख्त और डिजिटल फोकस साफ संकेत देता है कि अब प्रशासन में ढिलाई नहीं चलेगी।
“फाइल सिस्टम” से “डिजिटल सिस्टम” की ओर यह बदलाव आने वाले दिनों में पूरे जिले की कार्यशैली बदल सकता है।

