धर्म

Nirjala Ekadashi 2020 : संकट की निर्जला एकादशी में छोटा दान भी होगा महादान

भोपाल। । ।Nirjala Ekadashi 2020 : कोरोना संकट से समाज का हर तबका दो-चार हो रहा है। खजूर के पंखे बनाने वाला बंसकार, मिट्टी के सुराही व घड़े बनाने वाले कुंभकार हों या फिर ठेले लगाकर नारियल, तरबूज, खरबूज और ककड़ी बेचने वाले लोग, संकट के इस दौर में सभी को दो पैसे की जरूरत है।

ऐसे मौके पर मंगलवार को पड़ने वाला निर्जला एकादशी पर्व महादान का अवसर लेकर आ रहा है। इस पर्व पर किए गए दान से एक नहीं बल्कि दो लोगों की मदद होगी। एक वो जिससे दान की सामग्री खरीदी जाएगी और दूसरा वो जिसे दान किया जाएगा। यानी इस एकादशी पर किया गया छोटे से छोटा दान भी महादान कहलाएगा।

ग्रंथों और आचार्यों के मुताबिक निर्जला एकादशी सीधे तौर पर ग्रीष्म ऋतु के चरम पर आने का संदेश देने वाला पर्व है। यह पर्व उपासक के संकल्प की परीक्षा लेने वाला भी है। जब कंठ सुखा देने वाली भीषण गर्मी पड़ रही होती है तब उपासक अपने संयम से इस पर्व को पूरा करता है। शीतल पेय, फल व ठंडी हवा देने वाले पंखे जरूरतमंदों को दान कर उनकी प्यास बुझाता है। इस बार निर्जला एकादशी पर्व का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि कोरोना संकट में हर वर्ग को मदद की दरकार है।

सामाजिक संगठन करेंगे दान

निर्जला एकादशी पर्व पर भूमिहार ब्राह्मण समाज सेवा और गायत्री परिवार यवा प्रकोष्ठ द्वारा इस बार विशेष रूप से जरूरमंदों को फल व घड़े बांटने का निर्णय लिया गया है।

भूमिहार ब्राह्मण समाज के सचिव संतोष कुंवर ने बताया भोजपुरी समाज में महिलाएं इस व्रत को विशेष रूप से रखती हैं। साथ ही दान पुण्य का भी विशेष महत्व होने के लिहाज से समाज हर साल गरीबों को भोजन बंटवाता है। इस बार फल व घड़े बांटने का निर्णय लिया गया है ताकि यह सामाज बेचने वालों की भी अप्रत्यक्ष रूप से मदद हो सके। गायत्री परिवार के रमेश नागर ने बताया कि एकादशी पर परिवार द्वारा गरीबों को शीतल पेय बांटा जाएगा।

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