
NHB का बड़ा फैसला: हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए दोगुना होगा फंड, सस्ता होगा होम लोन
बिजनेस डेस्क। देश में होम लोन की बढ़ती मांग के बीच नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रहा है। एनएचबी इस चालू वित्त वर्ष में अफोर्डेबल हाउसिंग फंड और रीफाइनेंस की कुल राशि को दोगुना करने जा रहा है।
बाजार में होम लोन की मजबूत मांग के बावजूद कंपनियों के सामने फंड जुटाने की सीमाएं आड़े आ रही थीं, जिसको लेकर वित्तीय कंपनियों ने सरकार और एनएचबी से अतिरिक्त फंड की गुहार लगाई थी।
क्यों पड़ी अतिरिक्त फंड की जरूरत?
बैंकों की उधारी सीमा (Exposure Limit): कमर्शियल बैंकों के पास एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को कर्ज देने की एक तय आंतरिक सीमा होती है। इस सीमा के पूरे होते ही कंपनियां चाहकर भी बैंकों से नया कर्ज नहीं उठा पाती थीं।
सस्ते और लंबी अवधि के कर्ज की मांग: कंपनियां अब अपनी पूंजी की जरूरतों के लिए केवल बैंकों पर निर्भर रहने के बजाय उधारी के स्रोतों में विविधता लाना चाहती हैं।
सस्ता फंड और ब्याज दरों का गणित
एनएचबी से मिलने वाला फंड कमर्शियल बैंकों की तुलना में बेहद किफायती होता है:
- सामान्य रीफाइनेंस दर: लगभग 7.65% के आसपास।
- अफोर्डेबल हाउसिंग फंड दर: महज 4.25% के करीब।
- ग्रीन व ग्रामीण हाउसिंग लोन: सामान्य रीफाइनेंस दर से भी 30 बेसिस पॉइंट्स तक सस्ता।
लागत में इस बड़े अंतर के चलते अनुमान है कि एनएचबी इस साल प्रमुख हाउसिंग कंपनियों की कुल उधारी का 30 से 35 फीसदी हिस्सा पूरा करेगा (जो बीते साल 20 से 25 फीसदी था)। बता दें कि जून 2025 को समाप्त हुए वर्ष में एनएचबी ने ₹32,308 करोड़ का रीफाइनेंस बांटा था, जिसमें अफोर्डेबल हाउसिंग फंड का हिस्सा ₹5,791 करोड़ था।
किन कंपनियों को मिलेगा सीधा फायदा?
एनएचबी की इस पहल का लाभ मुख्य रूप से देश की अग्रणी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को मिलेगा, जिनमें शामिल हैं:
- एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance)
- बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance)
- पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस (PNB Housing Finance)
- आधार हाउसिंग फाइनेंस (Aadhar Housing Finance)
- ट्रूहॉम फाइनेंस (TrueHome Finance)
होम लोन बाजार में HFCs की स्थिति
- कुल होम लोन बाजार: जुलाई 2026 तक देश का कुल होम लोन बाजार ₹40.07 लाख करोड़ का है।
- HFCs की हिस्सेदारी: हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के पास ₹7.44 लाख करोड़ के व्यक्तिगत होम लोन बकाया हैं, जो कुल बाजार का 18.6% हिस्सा (पिछली बार 18.3%) है।
- कुल देनदारी: आरबीआई (RBI) की जून 2026 फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 तक वित्तीय प्रणाली के प्रति HFCs की कुल देनदारी ₹7.35 लाख करोड़ दर्ज की गई।
- ‘AAA’ क्रेडिट रेटिंग वाले एनएचबी के इस कदम से हाउसिंग कंपनियों की बैंकों पर निर्भरता घटेगी और वे दूरदराज व किफायती क्षेत्रों में ग्राहकों को सस्ते दर पर होम लोन मुहैया करा सकेंगी।







