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Nautapa 2026: आज से शुरू हुआ नौतपा, 2 जून तक बरसेगी आग- हीट स्ट्रोक से बचने के लिए FSSAI ने जारी की ये जरूरी गाइडलाइंस

Nautapa 2026: आज से शुरू हुआ नौतपा, 2 जून तक बरसेगी आग- हीट स्ट्रोक से बचने के लिए FSSAI ने जारी की ये जरूरी गाइडलाइंस

नई दिल्ली: बीते एक-दो महीनों से जारी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप अब देश भर में और भी विकराल रूप लेने वाली है। आज यानी 25 मई से साल के सबसे गर्म दिनों यानी ‘नौतपा’ (Nautapa) की शुरुआत हो चुकी है, जो आगामी 2 जून तक जारी रहेगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उनकी किरणें सीधे धरती पर लंबवत पड़ती हैं, जिससे उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है।

वैसे तो खेती-किसानी के लिहाज से नौतपा को बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि इस तेज तपिश से खेतों के हानिकारक कीड़े-मकोड़े नष्ट हो जाते हैं और अच्छे मानसून की नींव पड़ती है। हालांकि, इंसानी सेहत के लिहाज से ये 9 दिन सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आते हैं। 

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हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भीषण गर्मी में शरीर का तापमान सामान्य से अधिक होने पर हीट स्ट्रोक (लू लगना) और गंभीर डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

  • ये लोग रहें एक्स्ट्रा अलर्ट: नौतपा के दौरान बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से दिल (Heart) या डायबिटीज की बीमारी से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज गर्मी में दिल की धड़कन बढ़ना और हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है।

  • शुरुआती लक्षण: शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक थकान, नींद न आना, मांसपेशियों में ऐंठन और चिड़चिड़ापन इसके शुरुआती संकेत हैं।

फूड सेफ्टी अथॉरिटी (FSSAI) की गाइडलाइंस: क्या करें और क्या नहीं

नौतपा के इन 9 दिनों में खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रखने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहद जरूरी नियम बताए हैं:

क्या करें (Do’s):

  1. बिना प्यास के भी पीएं पानी: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखने के लिए सादे पानी के अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, ओआरएस (ORS) घोल और आम का पना जरूर लें।

  2. हल्का और ठंडा भोजन: अपनी डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और दही जैसी पानी से भरपूर चीजों को शामिल करें। दोपहर के वक्त हल्का और सुपाच्य भोजन ही करें।

  3. सुरक्षा के साथ निकलें बाहर: यदि धूप में बाहर निकलना ही पड़े, तो हमेशा ढीले-ढाले सूती (कॉटन) कपड़े पहनें। सिर को सूती गमछे, टोपी या दुपट्टे से ढकें और छाते व सनग्लासेस का उपयोग करें।

क्या न करें (Don’ts):

  1. दोपहर की धूप से तौबा: दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज का संताप चरम पर होता है, बहुत जरूरी न हो तो बाहर निकलने से बचें।

  2. चाय, कॉफी और शराब को कहें ना: अत्यधिक गर्मी में कैफीन और अल्कोहल का सेवन शरीर को बहुत तेजी से डिहाइड्रेट (पानी सोखना) करता है, जिससे लू लगने का खतरा दोगुना हो जाता है।

  3. फ्रिज के ठंडे पानी से परहेज: चिलचिलाती धूप से तुरंत घर आते ही फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी या बर्फ का पानी कतई न पीएं। यह अचानक तापमान बदलने के कारण शरीर को बीमार कर सकता है। इसकी जगह मटके के पानी का उपयोग करें।

  4. मसालेदार और बासी भोजन: इन दिनों में ज्यादा मसालेदार, तला-भुना या बासी खाना खाने से बचें क्योंकि गर्मी में पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं।

पुण्य का काम: इस धधकती गर्मी में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान पशु-पक्षियों का भी ख्याल रखें। अपने घर की छत, बालकनी या आंगन में मिट्टी के बर्तनों में साफ पानी और दाना जरूर रखें।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि